मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को उसके 100वें सफल मिशन पर बधाई दी और कहा कि यह देश की नेविगेशन क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
ISRO ने बुधवार को एक नेविगेशन उपग्रह के प्रक्षेपण के साथ अपने 100वें मिशन का जश्न मनाया, जो स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन समेत सटीक कृषि आदि में सहायता करेगा. इस उपग्रह को जीएसएलवी रॉकेट द्वारा वांछित कक्षा में प्रक्षेपित किया जाएगा. यह इस वर्ष अंतरिक्ष एजेंसी का पहला प्रयास है.
मुख्यमंत्री यादव ने एक बयान में कहा, " इसरो ने GSLV-F15 रॉकेट के जरिए नेविगेशन सैटेलाइट NVS-02 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर अपने 100वें मिशन को पूर्ण किया. यह मिशन देश की नेविगेशनल क्षमताओं को मजबूती, निजी और रक्षा क्षेत्रों में नेविगेशन सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इस सफलता के लिए इसरो के सभी वैज्ञानिकों और देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.''
जापान की यात्रा पर गए यादव ने कहा कि यह मिशन देश की नौवहन क्षमताओं को मजबूत करने और निजी एवं रक्षा क्षेत्रों में नेविगेशन सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह उपग्रह नेविगेशन विद इंडियन कांस्टेलेशन (NavIC) की श्रृंखला में दूसरा उपग्रह है, जिसका उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप के साथ-साथ भारतीय भूभाग से लगभग 1500 किलोमीटर दूर के क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं को सटीक स्थिति, वेग और समय प्रदान करना है.
इसका पूर्ववर्ती, NVS-01, दूसरी पीढ़ी के नेविगेशन उपग्रहों में से पहला उपग्रह है, जिसे 29 मई, 2023 को लॉन्च किया गया था. इसरो ने कहा कि NVS-02 उपग्रह के प्रमुख अनुप्रयोग स्थलीय, हवाई और समुद्री नेविगेशन, सटीक कृषि, बेड़े प्रबंधन, मोबाइल उपकरणों में स्थान आधारित सेवाएं, उपग्रहों के लिए कक्षा निर्धारण, इंटरनेट-ऑफ-थिंग्स (IoT) आधारित अनुप्रयोग और आपातकालीन और समय सेवाएं हैं.
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