पिता ने जीते जी नाम के आगे लिखा स्वर्गवासी, हैरान-परेशान बेटे ने किया सवाल तो मिला ये जवाब

मंदसौर में एक व्यक्ति ने जीते जी अपने नाम के आगे स्वर्गीय लिख लिया है. इसके पीछे उसका जो तर्क है वो किसी को भी हैरान कर देगा. जब उसकी तस्वीर घर पहुंची तो परिवार वाले सन्न रह गए और बवाल भी मच गया. सभी का यही सवाल था कि एक इंसान जीते जी ऐसा क्यों कर सकता है.

Advertisement
गिरधारी लाल जजवानी. गिरधारी लाल जजवानी.

आकाश चौहान

  • मंदसौर ,
  • 23 जून 2023,
  • अपडेटेड 11:29 PM IST

मध्य प्रदेश के मंदसौर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक व्यक्ति ने जीते जी अपने नाम के आगे स्वर्गीय लिख लिया है. उसने एक फोटो फ्रेम करावाया है, जिस पर उसने ऐसा लिखा है. इसके पीछे उसका जो तर्क है वो किसी को भी हैरान कर देगा.

दरअसल, मंदसौर निवासी गिरधारी लाल जजवानी ने 2017 में एक फोटो फ्रेम करवाया था. इस पर नाम के आगे स्वर्गीय लिखवाया. जब उसकी तस्वीर घर पहुंची तो परिवार वाले सन्न रह गए और बवाल भी मच गया. सभी का यही सवाल था कि एक इंसान जीते जी ऐसा क्यों कर सकता है.

Advertisement

'मैं मस्त जिंदगी जीता हूं. वो भी स्वर्ग जैसी'

इस पर गिरधारी लाल ने सबको बैठाकर समझाया और कहा, "मैं मस्त जिंदगी जीता हूं. वो भी स्वर्ग जैसी. तो अपने नाम के आगे स्वर्गवासी क्यों न लिखूं".  जजवानी ने कहा कि वो 40 साल पहले पिपलिया मंडी से मंदसौर आ गए थे. इसके बाद अपना काम शुरू किया और देखते ही देखते आज अच्छे मुकाम पर हैं. दो बेटे हैं, जो अच्छी पढ़ाई करने के बाद संपन्न भी हैं.  

'मम्मी ने कहा- पापा आएं तो उन्हीं से पूछना'

उधर, पिता की इस सोच को लेकर कुमार जजवानी ने बताया, बात 2017 की है. मैं ऑफिस से घर आया तो देखा कि पापा की एक तस्वीर आई है. मगर, उसके पर लिखा था 'स्वर्गीय गिरधारी लाल जी'. ये देखकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई. फिर मम्मी से पूछा तो उन्होंने कहा कि तेरे पापा जब आएं तो उन्हीं से पूछना". 

Advertisement

'घर आकर पापा ने ये बात बताई'

"मैं काफी परेशान हुआ कि आखिर ये क्या बात हुई. लोग जब दुनिया से चले जाते हैं तो स्वर्गीय लिखा जाता है. मगर, मेरे पापा ने पहले ही अपने नाम के आगे स्वर्गीय क्यों लिखवा लिया. इसके बाद जब पापा आए तो उन्होंने बताया कि उन्होंने एक जैन संत का प्रवचन सुना था. इसमें उन्होंने कहा था कि स्वर्ग जैसी अगर जिंदगी जी सकते हो तो अपने नाम के आगे जीते जी स्वर्गवासी लिखो. मरने के बाद किसने देखा है कि स्वर्ग कहां है".

'स्वर्ग जैसी जिंदगी भगवान ने दी है'
 
उन्होंने प्रवचन सुनकर अपने नाम के आगे जीते जी स्वर्गीय लगा लिया. दो-तीन दिन तक तो हम कहते रहे कि पापा ये अच्छा नहीं है. इसे हटाओ तो उन्होंने कहा कि जब हम स्वर्ग जैसी जिंदगी जी रहे हैं तो अपने नाम के आगे जीते जी स्वर्गीय लिखवाने से लोगों के बीच एक संदेश जाएगा. स्वर्ग जैसी जिंदगी जब भगवान ने दी है तो हम इसे नर्क क्यों बनाएं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement