मध्य प्रदेश के गुना में कृषि अधिकारी को बंधक बनाकर 50 लाख रुपए की रंगदारी वसूलने के हाईप्रोफाइल मामले में नया मोड़ आ गया है. बीजेपी विधायक प्रियंका मीना के देवर अनिरुद्ध मीना पर FIR दर्ज होने के बाद अब कृषि उपसंचालक अशोक उपाध्याय के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है. अशोक उपाध्याय के खिलाफ IPC 1860 के तहत धारा 505 में मामला दर्ज किया गया है. विधायक के देवर अनिरुद्ध मीना ने पलटवार करते हुए चाचौड़ा थाने में FIR दर्ज कराई है. एफआईआर देर रात 12 बजे दर्ज कराई गई.
FIR में लिखा गया है कि कृषि अधिकारी अशोक उपाध्याय ने भ्रष्ट अधिकारी हैं जिन्होंने अनिरुद्ध को रिश्वत देने का प्रयास किया. जब अनिरुद्ध मीना ने रिश्वत लेने से मना किया तो छवि धूमिल करने के लिए चुनाव में हारे हुए प्रतिद्वंदियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचने लगे.
BJP MLA के देवर ने अनिरुद्ध मीना ने तर्क दिया कि अब उनकी छवि चोर बेईमान, अपराधी और घटिया इंसान की तरह हो गई है. लोग उन्हें छुटभैया नेता समझने लगे हैं. सर्वसाधारण के मन में भी अनिरुद्ध के प्रति घृणा का भाव निर्मित हो गया है. पहले जो लोग सम्मानपूर्वक नमस्कार करते थे, अब वही लोग मुझे देखकर मुंह पलट लेते हैं. लोगों के बीच मेरी छवि सेवाभावी व्यक्ति की रही है. लेकिन अब लोग मुझे आपराधिक प्रवृति का समझ रहे हैं.
बता दें कि 25 जून को कृषि अधिकारी अशोक उपाध्याय ने अनिरुद्ध मीना के खिलाफ बंधक बनाकर 50 लाख रुपए की रंगदारी वसूलने का प्रकरण दर्ज करवाया था. इस मामले की गूंज दिल्ली तक पहुंची थी. कृषि विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी संगठनों ने भी अशोक उपाध्याय के साथ बदसलूकी के खिलाफ ज्ञापन दिया था.
वहीं, अब दो दिन बाद उल्टा कृषि अधिकारी के खिलाफ धारा 505 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है. हाईप्रोफाइल मामले में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी दो टूक जवाब देते हुए अनैतिक कार्यों में लिप्त बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही थी. फिलहाल इस मामले में अब नया मोड़ आ गया है.
विकास दीक्षित