द्वारे पे आई बारात रंगीला बन्ना ब्याहन आया-2, सिर पर कलश लिए है गुजरिया, आम की पांतिन की कलश सजी है, पंडित मंत्र उचारी रंगीला बंदा ब्याहन आया-2, द्वारे पे आई बारात रंगीला बन्ना ब्याहन आया...सुनें मालिनी अवस्थी की सुरीली आवाज में साहित्य आजतक के मंच पर गाया गया यह विवाह गीत