बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में गर्भवती होने की संभावनाएं कम होने लगती हैं इस दौरान उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. वे चाह कर भी ये कसक मन में दबाए रह जाती हैं. हाल ही में हुए एक नए शोध से ये पता चला है कि 40 साल के बाद भी गर्भवती महिलाओं के लिए मां बनना आसान हो सकता है.
युनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के साइंटिस्ट ने एक खास किस्म के फर्टिलिटी हार्मोन का पता लगाया है जिससे 40 साल की उम्र में भी मां बनना आसान हो सकेगा. एक मेडिकल जरनल में प्रकाशित लेख के मुताबिक, DHEA नामक हार्मोन गर्भ में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ा देता है जिससे शिशु के जन्म में मदद मिलती है.
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मासिक धर्म के दौरान गर्भाशय उन हार्मोन्स को शरीर से निकाल देता है जिससे वॉम्ब लाइनिंग को अतिरिक्त प्रोटीन बनाने का संकेत मिलता है. बता दें कि उन्हीं प्रोटीन की मदद से महिलाओं में उन अंडों की उपज होती है जो बच्चे के जन्म के लिए आवश्यक हैं. महिलाओं में बढ़ती उम्र के साथ इन अंडों के निर्माण की प्रक्रिया धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसी वजह से महिलाओं को 40 की उम्र के बाद शिशु जन्म में परेशानी का सामना करना पड़ता है.
रिसर्च के दौरान 40 वर्ष से ज्यादा के उम्र की महिलाओं के ऊतक का उपयोग किया गया. DHEA नामक हार्मोन को जब वॉम्ब लाइनिंग सेल्स से टेस्ट कर के देखा तो महिलाओं में तेजी से उस प्रोटीन का विकास होने लगा जो शिशु के जन्म के लिए सहायक माना जाता है.
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युनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा है कि अभी सिर्फ इसके सफल होने की संभावनाओं के बारे में पता लगाया गया है. पूर्ण रूप से ये कितना सफल होगा ये आगे पता चलेगा. बता दें कि इससे पहले शोध के दौरान ये पाया गया था कि DHEA इस सिलसिले में कामयाब नहीं है पर इस ताजा शोध से ये सिद्ध हो गया कि DHEA के माध्यम से 40 वर्ष से ज्यादा की उम्र की महिलाओं को शिशु जन्म में मदद मिल सकती है.
रोहित