तो क्या इस वजह से ज्यादा खाते हैं बच्चे?

स्वभाव पर चल रही एक रिसर्च ने इस बात की पुष्टि की है कि बच्चा खुशी और दुख की अवस्था में खाने के प्रति अगल-अलग तरीके से व्यवहार करता है. दुख की अवस्था में  ना केवल जंक फूड की तरफ अधिक आकर्षित होता है बल्कि सामान्य से ज्यादा खाता भी है.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

रोहित

  • ,
  • 22 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 11:53 AM IST

दुख और अवसाद की अवस्था में लोग ज्यादा खाने लगते हैं इसे 'इमोशनल ईटिंग' कहा जाता है. इस दौरान अनहेल्दी फूड के सेवन का ज्यादा मन करता है. नए शोध में खुलासा हुआ है कि इमोशनल ईटिंग से ना केवल बड़े बल्कि बच्चे भी प्रभावित होते हैं.

स्वभाव पर चल रही एक रिसर्च ने इस बात की पुष्टि की है कि बच्चा खुशी और दुख की अवस्था में खाने के प्रति अगल-अलग तरीके से व्यवहार करता है. दुख की अवस्था में  ना केवल जंक फूड की तरफ अधिक आकर्षित होता है बल्कि सामान्य से ज्यादा खाता भी है.

Advertisement

महिलाओं में इस वजह से हो सकता है अस्थमा

पहले के शोधों में सामने आया था कि जो लोग अवसाद की अवस्था से गुजर रहे हैं वे अनहेल्दी फूड खाते हैं जिससे मोटापे का शिकार हो जाते हैं. ज्यादा खाने की वजह से उनके अवसाद में बढ़ोत्तरी ही होती है और स्वास्थ्य भी खराब होता है.

बच्चों के सामने ना करें ये काम, दिमाग पर पड़ता है बुरा असर

यह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सस और डॉलस ने की थी. शोध के दौरान 4.5 साल से लेकर 9 साल तक के 91 बच्चों को शामिल किया गया. बच्चों को अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया और सबको अलग-अलग मूड के फिल्म सीन दिखाए गए. भावुक कर देने वाले सीन के दौरान बच्चों ने ज्यादा चॉकलेट खाए.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement