बायोटिन, जिसे विटामिन बी7 के नाम से भी जाना जाता है, एक वॉटर सॉल्युबल बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन है जो प्रेग्नेंसी के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. यह भ्रूण के विकास में सहायता करता है, एनर्जी प्रोडक्शन को बढ़ाता है, मेटाबॉलिज्म में मदद करता है और हेल्दी स्किन, बाल और नाखून बनाए रखने में मदद करता है.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की गाइडलाइन के अनुसार, गर्भवती महिलाओं में बायोटिन क कमी काफी आम हो चुकी है. प्रेग्नेंसी में बायोटिन से भरपूर चीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से मां और गर्भ में पल रहे बच्चे को फायदा मिल सकता है. हम आपको बायोटिन -रिच फूड्स के बारे में बताने जा रहे हैं गर्भावस्था के दौरान फायदेमंद और सुरक्षित हैं.
प्रेग्नेंसी में क्यों जरूरी है बायोटिन-
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की मांग बढ़ जाती है,जिसमें से बायोटिन एक है. यह भ्रूण के विकास में सहायता करता है, खाने को एनर्जी में बदलने में मदद करता है, और कोशिका वृद्धि के लिए आवश्यक एंजाइम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. कुछ स्टडी में कम बायोटिन के लेवल को बर्थ डिफेक्ट से जोड़ा गया है. इसलिए, बायोटिन युक्त फूड्स को शामिल करना हेल्दी प्रेग्नेंसी का सपोर्ट करने का एक नेचुरल तरीका है.
अंडे का पीला भाग- अंडे का पीला भाग बायोटिन के सबसे अच्छे सोर्स में से एक है. सिर्फ एक पके हुए अंडे का पीला भाग इस पोषक तत्व की पूर्ति को पूरा कर सकता है. एक बात का ख्याल रखें कि अंडे को पूरी तरह से पकाकर ही खाएं.
नट्स और सीड्स - बादाम, अखरोट, सूरजमुखी के बीज और मूंगफली न केवल बायोटिन से भरपूर होते हैं, बल्कि इनमें हेल्दी फैट और प्रोटीन भी होते हैं. थोड़ी मात्रा में इनका सेवन करने से आपके शरीर में बायोटिन का लेवल बढ़ सकता है.
शकरकंद- विटामिन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर शकरकंद में बायोटिन भी होता है. इनमें मौजूद विटामिन ए की हाई मात्रा भ्रूण की आंख और स्किन के विकास में भी मदद करती है.
केला- केले में पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है और बायोटिन मीडियम मात्रा में होता है, जो इसे एनर्जी और पोषण के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन बनाता है. ये पेट के लिए भी अच्छा होता है.
पालक- ये हरी पत्तेदार सब्जी आयरन, फोलेट और बायोटिन से भरपूर होती है, जो प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं. हल्का पका हुआ पालक खाने से पोषक तत्वों को अच्छे से अवशोषित करने में मदद मिलती है और ऑक्सालेट की मात्रा कम होती है.
साबुत अनाज- साबुत गेहूं की रोटी,और ब्राउन राइस में फाइबर, आयरन और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन के साथ-साथ बायोटिन का मीडियम लेवल होता है. साबुत अनाज का सेवन करने से प्रेग्नेंसी के दौरान लंबे समय तक एनर्जी मिलती है और पाचन सही रहता है.
डेयरी प्रोडक्ट्स- दूध, दही और पनीर न सिर्फ कैल्शियम और प्रोटीन देते हैं, बल्कि इनमें बायोटिन की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है. ये उन महिलाओं के लिए बेहतरीन ऑप्शन है जो डेयरी प्रोडक्ट्स डाइजेस्ट हो जाते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क