भगवान श्रीकृष्ण के भक्त जन्माष्टमी की तैयारियों में जुट गए हैं. श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को अनोखे अंदाज में मनाने को लेकर श्रद्धालु काफी उत्सुक हैं. बहुत कम लोग यह बात जानते हैं कि श्रीकृष्ण की नगरी द्वारिका कई द्वारों से मिलकर बनी थी, जिसके तीन द्वार आज भी समुद्र की गहराई में करीब 80 फीट नीचे विद्यमान हैं.
प्रतिकात्मक तस्वीर
भगवान श्रीकष्ण की नगरी द्वारिका के अवशेषों के अगर आप दर्शन करना चाहते हैं तो यह भी मुमकिन है. गुजरात में स्थित द्वारिका में आप स्कूबा डाइविंग के जरिए कृष्ण नगरी के सभी अवशेषों को देख सकेंगे.
स्कूबा डाइविंग ट्रेनर शांतिभाई बंभानिया कहते हैं कि लोग प्राचीन द्वारका के पानी में डूबे अवशेषों को देखने के लिए काफी उत्साहित हैं. लेकिन इसके लिए उन्हें थोड़ा इंतजार करना होगा. उन्होंने बताया कि इस पर शोध चल रहा है और जल्द ही इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.
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शांतिभाई बंभानिया ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि अगले 5 सालों के अंदर समुद्र की गहराई में छिपी कृष्ण नगरी के अवशेषों पर शोध पूरा कर लिया जाएगा. इसके बाद सरकार स्कूबा डाइविंग के जरिए इसके दर्शन की इजाजत दे देगी.
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उन्होंने कहा कि 60 से 80 फीट नीचे जाने के बाद दिव्य द्वारका नगरी के अवशेषों के दर्शन होते हैं. हालांकि लोग यहां अभी भी स्कूबा डाइविंग का लुत्फ उठा सकते हैं. रंगबिरंगी मछलियां और पौधों की अनेक प्रजातियां वे यहां देख सकते हैं, लेकिन कृष्णनगरी के अवशेषों के दर्शन करने के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा.