हम सभी ने सुना है कि रात की नींद से बेहतर कुछ नहीं होता. अगर आप अपने शेड्यूल से कुछ समय निकालकर सोने की कोशिश करना चाह रहे हैं और ऐसा नहीं कर पा रहे हैं या फिर रात में अचानक आपकी नींद टूट जाती है तो समझ लीजिए ऐसा सिर्फ आपके साथ ही नहीं हो रहा है.
2019 की एक रिपोर्ट बताती है कि हाल के सालों में नींद में खलल ऐसी महामारी बन गई है जिसके बारे में अधिक लोगों को जानकारी नहीं है.
चौंकाने वाली बात है कि इस स्लीप डिसरप्शन का रात से कोई लेना-देना नहीं है बल्कि आपका डेली रुटीन इसकी वजह है. इस रिपोर्ट में हम आपको बताने जा रहे हैं कि दिन के समय की जाने वाली वे कौन सी खराब आदतें हैं जो आपकी नींद को खराब कर रही हैं.
डे लाइट और ब्लू लाइट
सरकेडियन रिदम का नाम आपने सुना होगा. यह हमारे शरीर को संकेत देती है कि हमें कब सोना और कब जागना है.
इस सरकेडियन रिदम को बनाए रखने में सूर्य की रोशनी काफी अहम भूमिका निभाती है.
डेज वेबसाइट के चीफ साइंस ऑफिसर मेरव कोहेन जियॉन ने कहा, सूरज की रोशनी भी हमारे दिमाग को संकेत देती है कि सोने या जागने का वक्त हुआ है या नहीं.
अब सवाल यह है कि इसके लिए कितनी सनलाइट की जरूरत है?
कोहेन जियॉन ने कहा, सुबह 20 से 30 मिनट सनलाइट लेनी चाहिए और सोने से दो घंटे पहले तक स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी से बचना चाहिए. यह आपके सोने-जागने के सायकल को और ज्यादा दुरुस्त कर सकता है.
दिन के समय लंबी झपकियां
अगर आपको लगता है कि दिन के समय झपकियां लेने से आप अपनी खराब नींद की भरपाई कर सकते हैं तो ऐसा नहीं है बल्कि यह अधिक नुकसान कर सकता है.
मैट्रेस क्लैरिटी की स्लीप हेल्थ स्पेशलिस्ट विक्टोरिया विल्डहॉर्न बताती हैं, दिन के समय छोटी झपकी ही लें. अगर आपकी झपकी इतनी लंबी है कि आप गहरी नींद में सो सकते हैं तो ऐसे में झपकी से जागना और रात में सोना मुश्किल होगा.
झपकी लेने के लिए सही समय क्या है?
नींद मनोवैज्ञानिक समीना अहमद जौरेगुई बताती हैं, 15 से 20 मिनट की झपकी आपको तरोताजा कर सकती है और दिन की प्रॉडक्टिविटी को भी सुधार सकती है.
उन्होंने कहा, लंबी-लंबी झपकियां या दोपहर तीन बजे के बाद ली गई झपकियां आपकी रात की नींद बिगाड़ सकती हैं.
रात में सोने से पहले स्नैक्स की लत
कुछ फूड आपकी नींद को बिगाड़ सकते हैं और अगर इन्हें शाम में खाया जाए तो नींद पर इसका असर पड़ने की पूरी संभावना है. इन फूड में चॉकलेट, शुगर, सैचुरेटेड फैट और कैफीन शामिल हैं.
2016 की एक स्टडी से पता चला है कि कम फाइबर, अधिक सैचुरेटेड फैट और शुगर वाली डाइट से स्लीप डिसऑर्डर हो सकता है.
विल्डहॉर्न कहती हैं, सोने से पहले अधिक शुगर और सैचुरेटेड फैट वाले भोजन खाने से बचना चाहिए.
हालांकि, अखरोट, एवाकैडो, पनीर और दही जैसे हेल्दी फैट से भरपूर भोजन नींद में मदद कर सकता है.
बिस्तर से जुड़ी हुई आदतें
2020 में बेस्ट मैट्रेस ब्रांड ने उन 500 लोगों पर सर्वे किया जो सुबह में अपना बिस्तर ठीक करते हैं. इसके साथ ही उन 500 लोगों पर भी यह सर्वे किया गया जो ऐसा नहीं करते.
सर्वे से पता चला कि जिन लोगों को सुबह के समय अपना बिस्तर ठीक करने की आदत है, वे अधिक प्रोडक्टिव होते हैं, हेल्दी खाना खाते हैं और उन्हें दिन में अच्छा महसूस होता है. वे औसतन लगभग 20 मिनट अधिक देर तक सोते हैं, उन्हें सोने के समय कम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और सुबह के समय उन्हें अच्छा महसूस होता है.
वीकेंड शेड्यूल
वीकली रुटीन से समझौता कर वीकेंड पर ही पूरा बोझ डाल देने से भी स्लीप डिसरप्शन होता है. अगर आप वीकेंड पर अधिक सोने का ख्याल रखते हैं तो समझ लीजिए यह आपके सरकेडियन रिदम पर असर डालेगा.
शाम की एक्सरसाइज
एक्सरसाइज से नींद की क्वालिटी में सुधार होता है. जब आप एक्सरसाइज करते हैं तो इससे सरकेडियन रिदम पर असर पड़ता है.
2019 की एक स्टडी से पता चला है कि सुबह सात बजे या दोपहर एक से चार बजे के बीच एक्सरसाइज करने से आप शाम में जल्दी सो सकते हैं. शाम सात से रात 10 बजे के बीच एक्सरसाइज करने से आपका बॉडी क्लॉक गड़बड़ हो सकती है.
अगर हो सके तो शाम के वर्कआउट को स्किप कर दें और शाम सात बजे से पहले ही एक्सरसाइज कर दें.
स्मोकिंग हैबिट्स
कुछ लोगों के लिए सिगरेट पीना उनकी थकान दूर कर देता है लेकिन सोने से पहले स्मोकिंग करना सही नहीं है.
जौरेगुई बताती हैं, सोने से तुरंत पहले या रात में स्मोकिंग करने से यह आपकी नींद में निकोटिन क्रेविंग को बढ़ा सकती है और इस क्रेविंग से आप उठ सकते हैं या आपकी नींद में खलल पड़ सकता है.
2021 की स्टडी बताती है कि रात के समय स्मोकिंग करना इनसोमिया से जुड़ा हुआ है.
सोने से पहले गर्म पानी से नहाना
अगर आपको लगता है कि रात में सोने से पहले गर्म पानी से नहाने से आपकी दिनभर की थकान दूर हो जाती है तो ऐसा नहीं है बल्कि इससे आपको नींद लेने में जरूर मुश्किल आ सकती है.
गर्म पानी से नहाने से आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है. एक्सपर्ट का कहना है कि सोने के लिए आपके शरीर का तापमान कम रहना चाहिए. शरीर का तापमान बढ़ने से आपको नींद लेने में दिक्कत हो सकती है. स्लीप एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने से पहले गर्म पानी से नहीं बल्कि गुनगुने पानी से नहाना चाहिए.
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