Breads for weight loss: वेट लॉस में मदद कर सकते हैं इस तरह के ब्रेड, डाइट में करें शामिल

वजन कम करने वाले लोग ब्रेड से दूरी बना लेते हैं. उन्हें लगता है कि ब्रेड खाने से उनका वेट बढ़ेगा. ठीक ऐसा ही डायबिटीज मरीज भी करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप ब्रेड खाकर भी वेट घटा सकते हैं बस उसके लिए सही ब्रेड खानी होगी.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 मई 2023,
  • अपडेटेड 7:26 AM IST

अक्सर देखा जाता है कि जो लोग वजन कम करना चाहते हैं वे ब्रेड से दूरी बना लेते हैं. वजन कम करने के डाइट में लोग ब्रेड खाने से बचते हैं और ठीक इसी तरह डायबिटीज के मरीज भी टोस्ट और सैंडविच को अपना दुश्मन मान लेते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि आप ब्रेड खाकर भी वजन घटा सकते हैं. मार्केट में ऐसे हेल्दी ब्रेड भी मौजूद हैं जो आपके वेट लॉस में मदद कर सकते हैं. 

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वेट लॉस का मतलब खाना छोड़ देना नहीं है बल्कि सही न्यूट्रिशन से भरपूर खाना खाकर वजन कम करना है. यहां हम आपको ऐसे ब्रेड के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे अपनी डाइट में शामिल करके आप आराम से वेट लॉस कर सकते हैं.

होल व्हीट ब्रेड (Whole Wheat Bread)

होल व्हीट ब्रेड गेहूं से बना होता है और व्हाइट ब्रेड की तुलना में अधिक हेल्दी होता है. व्हाइट ब्रेड में न्यूट्रीएंट्स कम होते हैं और यह मोटापा बढ़ाता है जबकि होल व्हीट ब्रेड आपके हार्ट को स्वस्थ रखता है और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे को कम करता है. इसमें फाइबर की मात्रा भी अधिक होती है और अन्य ब्रेड की तुलना में अधिक विटामीन और मिनरल्स होते हैं. होल व्हीट ब्रेड खाने से आपको लंबे समय तक भूख भी नहीं लगेगी. हालांकि इसे स्टोर से खरीदते समय आप इसके पैक पर लिखे 100 पर्सेंट होल व्हीट फ्लोर के टैग को जरूर चेक कर लें.

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होल ग्रेन ब्रेड (Whole Grain Bread)

यह ब्रेड पूरी तरह से अनाज से बना होता है जिसमें न्यूट्रीशनल वैल्यू अधिक होती है और यह ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम करता है. ग्लाइसेमिक इंडेक्स बताता है कि खाने के बाद कितनी तेजी से ब्लड शुगर बढ़ता है. 

होल ग्रेन ब्रेड में राई, जौ, ओट, किनोवा और बाजरा होता है. इस ब्रेड में विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है. वेट लॉस के लिए होल ग्रेन ब्रेड अधिक हेल्दी है. इस तरह के ब्रेड में फाइबर अधिक होता है और ये आंतों को भी स्वस्थ रखते हैं.

स्प्राउटेड ब्रेड (Sprouted Bread)

स्प्राउटेड ब्रेड में आटा नहीं होता. इसके बजाये यह स्प्राउटिंग अनाज, बीन और सीड से बनता है. इन्हें आटे में मिलाया जाता है और धीरे-धीरे बेक किया जाता है. इस प्रोसेस से ब्रेड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम करने में मदद मिलती है. इसका मतलब है कि यह ब्रेड आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल रखता है. हालांकि, आप किस पोर्शन में इसे खा रहे हैं, इसे ध्यान रखने की जरूरत है. 

सोरडोह ब्रेड (Sourdough Bread)

ट्रेडिशनल सोरडोह ब्रेड को बनाने के ल‍िए आटा, पानी और नमक का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है. इसे तैयार करने के ल‍िए अलग से खमीर नहीं डाला जाता, 
ब्रेड में मौजूद बैक्‍टीर‍िया से ही इसे फर्मेंट क‍िया जाता है. फर्मेंटेशन प्रक्रिया से आटे में मौजूद स्टार्च खत्म हो जाता है. फर्मेंटेशन से ब्रेड का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो जाता है और नेचुरल प्रोबायोटिक एड हो जाते हैं. यह ब्रेड खाने से आपका इम्युन सिस्टम मजबूत होगा और एलर्जी का जोखिम घटेगा.

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