नेहा सिंह राठौर को गिरफ्तार नहीं कर पाएगी पुलिस, जानें वजह

पहलगाम आतंकी हमले के बाद सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दर्ज एफआईआर मामले में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई है और यूपी सरकार व शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है. नेहा को 19 जनवरी को जांच में शामिल होने का निर्देश दिया गया है.

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लोक गायिका नेहा सिंह राठौर (File Photo: ITG) लोक गायिका नेहा सिंह राठौर (File Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली ,
  • 07 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:21 PM IST

पहलगाम आतंकी हमले और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट लिखने के मामले में उत्तर प्रदेश की लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदूरकर की पीठ ने नेहा सिंह राठौर की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है.

इस आदेश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने नेहा सिंह राठौर की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार और शिकायतकर्ता अभय प्रताप सिंह को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नेहा सिंह राठौर को 19 जनवरी को पुलिस की पूछताछ में शामिल होना होगा. कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि वह जांच में शामिल नहीं होती हैं तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा.

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नेहा सिंह राठौर की गिरफ्तारी पर रोक

इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ नेहा सिंह राठौर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.नेहा सिंह राठौर के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाना क्षेत्र में एफआईआर दर्ज की गई है.

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले बयान दिए. मामला जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जुड़ा है, जिसमें 26 पर्यटकों की हत्या हुई थी. अभियोजन के अनुसार, इस आतंकी हमले के बाद नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कथित तौर पर भारत विरोधी टिप्पणियां पोस्ट की थीं.

दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने का आरोप

आरोप है कि ऐसे समय में, जब सरकार स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही थी और कड़े प्रतिबंध लागू थे, उन्होंने लगातार ऐसी पोस्ट कीं, जो राष्ट्रीय अखंडता को प्रभावित करने वाली थीं और धर्म व जाति के आधार पर लोगों को भड़काने वाली मानी गईं. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले की आगे की सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है.

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