Aam Aadmi Party दफ्तर की जमीन छोड़ने को तैयार, मांगी वैकल्पिक जगह

आम आदमी पार्टी ने जवाबी हलफनामे में कहा है कि उन्हें यह जमीन 2015 में आवंटित की गई थी. अब 2023 लैंड एंड डेवलपमेंट का ऑफिस कह रहा है कि यह जमीन राउज एवेन्यू कोर्ट विस्तार के लिए निर्धारित की गई है. AAP की दलील है कि वह परिसर खाली करने को तैयार है. लेकिन अदालत से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि उसे वैकल्पिक स्थान दिया जाए.

Advertisement
Aam Aadmi Party Aam Aadmi Party

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 16 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 12:20 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट के लिए आवंटित बंगले की जमीन पर आम आदमी पार्टी का कार्यालय होने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई और कोर्ट की नाराजगी भरी टिप्पणी के बाद AAP ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि पार्टी का कार्यालय जिस जमीन पर बना है वह कोर्ट की जमीन पर कब्जा नहीं है. 

आम आदमी पार्टी ने जवाबी हलफनामे में कहा है कि उन्हें यह जमीन 2015 में आवंटित की गई थी. अब 2023 लैंड एंड डेवलपमेंट का ऑफिस कह रहा है कि यह जमीन राउज एवेन्यू कोर्ट विस्तार के लिए निर्धारित की गई है. AAP की दलील है कि वह परिसर खाली करने को तैयार है. लेकिन अदालत से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है कि उसे राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के अनुसार एक वैकल्पिक स्थान आवंटित किया जाए.

Advertisement

लोकसभा चुनावों का दिया हवाला

AAP की तरफ से आगामी लोकसभा चुनाव का हवाला देते हुए कहा गया है कि अगर वह फौरन इस जगह को खाली कर देते हैं तो उनके पार्टी ऑफिस के लिए फिलहाल कोई जगह नहीं है. जबकि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक राष्ट्रीय पार्टियां दिल्ली में कार्यालय के लिए जमीन पाने की हकदार हैं. राउज एवेन्यू इलाके में स्थित आम आदमी पार्टी को दफ्तर दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले मंगलवार को सख्त नाराजगी जताई थी.

चीफ जस्टिस ने जताई थी हैरानी

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने हैरानी जताते हुए कहा था कि ताज्जुब की बात है कि दिल्ली हाईकोर्ट की जमीन पर एक राजनीतिक दल का दफ्तर चल रहा है. दिल्ली हाईकोर्ट को ये जमीन, ये बंगला लौटाया जाए. क्योंकि ये हाईकोर्ट के पूल में है. दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी सचिव और वित्त सचिव अगली तारीख से पहले हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के साथ एक बैठक कर मामले का समाधान निकालेंगे.

Advertisement

हाटाया जाएगा अतिक्रमण: कोर्ट

सुनवाई के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि कोई भी कानून अपने हाथ में नहीं ले सकता. कोई राजनीतिक दल उस पर कैसे बैठ सकता है?
इस पर तो हाईकोर्ट को कब्जा दिया जाना चाहिए. हाईकोर्ट इस जमीन और बंगले का उपयोग किस तह से करेगा, ये हाईकोर्ट प्रशासन पर छोड़ा जाए .
केवल जनता और नागरिकों के लिए हम निर्देश देते हैं कि दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी सचिव और वित्त सचिव अगली तारीख से पहले हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के साथ एक बैठक बुलाएं. ताकि सभी विवादित और लंबित मुद्दों का समाधान सुनिश्चित हो सके. कोर्ट ने कहा कि सभी अतिक्रमण हटाए जाएंगे. मामले को आगे के निर्देशों के लिए सोमवार को सुनवाई होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement