Funny Jokes: पिंटू ने परीक्षा में टॉप करने की बताई ऐसी ट्रिक, जानकर नहीं रुकेगी हंसी

भागदौड़ भरी जिंदगी में हंसी के लिए तरस रहे हैं तो निराश होने की जरूरत नहीं है. हम आपके लिए लेकर आए हैं मजेदार चुटकुलों और फनी जोक्स का खजाना, जिन्हें पढ़कर हंसी की जबरदस्त डोज मिलना तय है. आइए शुरू करते हैं हंसने और हंसाने का सिलसिला.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 30 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 8:42 AM IST

चिंटू – मम्मी, आपके लिए मेरी क्या कीमत है?
मम्मी – अरे, तुम तो करोड़ों से भी कीमती हो
चिंटू – तो फिर उन करोड़ रुपये में से मुझे 10 रुपये दे दो. आइसक्रीम खानी है.

 

चिंटू – मम्मी, आज मैंने एक लड़के को खूब मारा है.
मम्मी – क्यों?
चिंटू – उसने मेरा पेन चुरा लिया था और मांगने पर भी नहीं दे रहा था.
मम्मी – लेकिन, तुम तो अपना पेन आज घर ही भूल गए थे.
चिंटू – तभी मैं कहूं वो पिटते हुए गलतफहमी का जिक्र बार-बार क्यों कर रहा था.

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मास्टर जी – गप्पू, अंग्रेजी में उस फूल का नाम बताओ जो सबसे ज्यादा बात करता हो?
गप्पू ने झट से जवाब दिया दिया – Tulips
मास्टर जी – वो कैसे?
गप्पू – क्योंकि उसके टू लिप्स हैं.

 

पिंटू (गप्पू से)- पहले मुझे पढ़ाई में कुछ समझ नहीं आता था फिर मैंने टॉपर्स के साथ बैठना शुरू कर दिया…
गप्पू- तो अब समझ में आता है?
पिंटू- नहीं यार, अब तो टॉपर्स को भी कुछ समझ में नहीं आता है…!!!


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पत्‍नी- सुनो जी, लड़का बहुत पैसे उड़ाने लगा है, जहां भी छुपाती हूं खोज लेता है.
पति- नालायक की किताब में रख दे, एग्जाम तक नहीं ढूंढ पाएगा…!!!

 

एक लड़का अचानक से एक लड़की देखकर शेर कहने लगा…लफ्ज तेरे, गीत मेरे, गजल कोई सुना डालूं क्या…?
लड़की बोली- हाथ मेरे, गाल तेरे, कान के नीचे बजा डालूं क्या…?

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नीलू गहन चिंतन में डूबा हुआ था.
गप्पू ने पूछा – यार क्या सोच रहा है.
नीलू – एक बात बता दोस्त दूध वाले हड़ताल करते हैं तो दूध सड़क पर फेंकते हैं…टमाटर वाले हड़ताल करते हैं तो टमाटर सड़क पर फेंक देते हैं…न जाने बैंक वालों को कब अक्ल आएगी…!!!
गप्पू माथा ठोक रहा है.

 

(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)

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