सपा से बीजेपी में आए बुक्कल नवाब को हनुमान मंदिर जाना भारी पड़ा. देवबंदी उलेमाओं को बुक्कल नवाब का ये रूप अच्छा नहीं लगा, उनका कहना है कि जो भी अल्लाह के अलावा किसी और को पूजता है तो वह इस्लाम में रहने के लायक नहीं है. इस पर आजम खान का कहना है कि आखिर दूसरा व्यक्ति कैसे तय कर सकता है कि कौन मुसलमान रहेगा या नहीं.