उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के बारयूं गांव में जन्मे जाबांज़ महावीर चक्र (मरणोपरांत) चौथे गढ़वाल के राइफलमैन जसवंत सिंह रावत को क्यों कहा जाता है 'जसवंत बाबा'? जसवंत सिंह ने मात्र 21 साल की उम्र 1962 में चीन के 300 सैनिकों को मुह तोड़ देने के बाद वीरगति को प्राप्त हुए और उसके बाद 'जसवंत बाबा' का दर्जा मिला. आजतक से उनके भाई ने खास बातचीत की. देखें.