उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में मानवता और संवेदना की मिसाल देखने को मिली है. यहां भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने एक मृतक के शव को कंधों पर उठाकर 25 किलोमीटर दूर तक की पैदल यात्रा की और शव को सड़क तक पहुंचाया. करीब 8 घंटे चलकर जवान मृतक के शव को लेकर परिजनों तक पहुंचे.
पिथौरागढ़ जिले की अग्रिम चौकी बुगदयार के नजदीक सीमांत गांव स्युनी में एक स्थानीय 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई. इसके बाद शव पड़े होने की सूचना आईटीबीपी की 14वीं वाहिनी को मिली. 30 अगस्त 2020 को यह सूचना मिलते ही आईटीबीपी के जवानों ने उस जगह पर पहुंच कर शव को अपने कब्जे में लिया.
तेज बारिश के कारण रास्ता वाहनों के लिए बंद था. स्थानीय लोगों से हालात समझने के बाद जवानों ने स्युनी से लगभग 25 किलोमीटर दूर मुनस्यारी तक शव को स्ट्रेचर पर उठाकर पैदल यात्रा की. बरसात के कारण रास्ता कई स्थानों पर बहुत खराब था लेकिन जवानों ने बहुत सावधानी से पूरा रास्ता तय किया.
परिजनों तक पहुंचाया
30 अगस्त को दोपहर से पहले शुरू हुआ अभियान इसी दिन देर शाम लगभग साढ़े सात बजे समाप्त हुआ. कुल 8 जवानों ने बारी-बारी से शव को कंधा देकर इसे पहले वाहन चलने योग्य सड़क तक और फिर मृतक के परिजनों तक पहुंचाया. इसके बाद मृतक का अंतिम संस्कार मृतक के गांव बंगापनी में किया गया.
जितेंद्र बहादुर सिंह