उत्तराखंड में संरक्षित तोते रखने के आरोप में 2 गिरफ्तार, PETA ने की थी शिकायत

उत्तराखंड वन विभाग ने हरिद्वार जिले के रुड़की में दो मांस की दुकानों से 34 संरक्षित 'रोज-रिंग्ड' और 'एलेक्जेंडरिन' तोते बचाए हैं. साथ ही इन पक्षियों की संरक्षित प्रजातियों का अवैध व्यापार करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है.

Advertisement
सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • हरिद्वार,
  • 29 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 7:27 AM IST

उत्तराखंड वन विभाग ने हरिद्वार जिले के रुड़की में दो मांस की दुकानों से 34 संरक्षित 'रोज-रिंग्ड' और 'एलेक्जेंडरिन' तोते बचाए हैं. साथ ही इन पक्षियों की संरक्षित प्रजातियों का अवैध व्यापार करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. इस बात की जानकारी एक पुलिस अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को दी.

वन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को देहरादून में कहा कि यह कार्रवाई हरिद्वार प्रभागीय वन अधिकारी वैभव सिंह के आदेश पर रुड़की के पुरानी तहसील क्षेत्र में कुछ दुकानों पर छापेमारी के बाद की गई. इस पूरे मामले को लेकर हाल ही में पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा), इंडिया द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: दून अस्पताल में बनी अवैध मजार पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, देर रात बुलडोजर से गिराया

पेटा ने की थी शिकायत

अधिकारियों के अनुसार शोएब और शारिक के पास संरक्षित तोते पाए गए. जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों आरोपियों ने संरक्षित तोतों को अपनी मांस की दुकानों में अवैध रूप से पिंजरों में रखा हुआ था.

अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. क्योंकि 'रोज-रिंग्ड' और 'एलेक्जेंड्रिन' तोते वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची II के तहत संरक्षित पशु हैं और उन्हें खरीदना, बेचना या रखना अपराध है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement