169 रुपये खर्च कर 48 घंटे में कमा लिए 35 हजार, ऐसे फ्रॉड में पकड़े गए बाप-बेटे

उन्नाव में अशोक पेंटर के खेत में खुदाई के दौरान गड्ढे में लक्ष्मी, सरस्वती, कुबेर की मूर्तियों के अलावा रुद्राक्ष, चाबी, सिक्का, कछुआ, कौड़ी निकली थी जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था, लेकिन अब पता चला कि खेत की खुदाई में पीली धातुओं की मूर्तियां निकलने की युवक ने झूठी कहानी गढ़ी गई थी.

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ऑनलाइन मंगाई गईं मूर्तियां ऑनलाइन मंगाई गईं मूर्तियां

विशाल सिंह चौहान

  • उन्नाव,
  • 02 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 3:39 PM IST

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे उन्नाव में फ्रॉड की ऐसी कहानी रची गई, जिसने सभी को हैरान कर दिया. आसीवन थाना क्षेत्र के महमूदपुर गांव के रहने वाले अशोक गौतम के बेटे रवी गौतम को खेत में खुदाई के दौरान पीली धातु की मूर्तियां मंगलवार को मिली थी. जंगल में आग की तरह यह खबर फैली और लोगों जुटने लगे.

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मौके पर पहुंचकर लोग इसे चमत्कार समझ मूर्तियों की पूजा करने लगे थे और रुपये आदि चढ़ाने शुरू कर दिए थे. 48 गंटे के अंदर 35 हजार रुपये का चढ़ावा भी चढ़ गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने उच्चाधिकारियों के साथ पुरातत्व विभाग को सूचना दी थी. बुधवार को पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर छानबीन शुरू कर दी.

इसके बाद पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में लिया. इसका नाम गोरे लाल था और यह कूरियर का बिजनेस करता था. उसने पुलिस को बताया कि 29 अगस्त को रवि ने मीशो एप से 169 रुपये की मूर्तियां मंगवायी थी और यह वही मूर्ति है, जिसका पुलिस ने बुधवार को खुलासा करके रवि को रूपये कमाने के ढोंग में गिरफ्तार किया.

इस बीच पुलिस ने रवि, उसके भाई विनय और पिता अशोक गौतम पर शांति भंग की कार्रवाई करके पल्ला झाड़ लिया. साथ ही मूर्तियां और रुपये लेकर थाने चली गई, जो ग्रामीणों में चर्चा का विषय बना हुआ है. ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन में लगभग 35 हज़ार रुपये चढ़ावे के रूप में मूर्ति पर चढ़ाए जा चुके थे.

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क्या है पूरा मामला

अशोक पेंटर के खेत में खुदाई के दौरान गड्ढे में लक्ष्मी, सरस्वती, कुबेर की मूर्तियों के अलावा रुद्राक्ष, चाबी, सिक्का, कछुआ, कौड़ी निकली थी जो पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ था, लेकिन अब पता चला कि खेत की खुदाई में पीली धातुओं की मूर्तियां निकलने की युवक ने झूठी कहानी गढ़ी थी. खेत मालिक और उसके बेटों ने ये मूर्तियां ऑनलाइन मंगवाईं थीं .

बुधवार को अशोक, उसका बेटा रवि और विजय नाम का शख्स मूर्तियों को लेकर खेत पहुंचे और तिरपाल लगाकर पूजा-पाठ शुरू कर दिया. अशोक और उसके दो बेटे 2 दिनों से गांव के लोगों को बहला फुसला रहे थे कि उन्हें सपना आया था जिसके बाद उन्होंने खुदाई की तो खेत से मूर्तियां निकली हैं.

 

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