शिवपाल की सदस्यता रद्द करने वाली याचिका को वापस लेगी सपा, स्पीकर को लिखा पत्र

अखिलेश यादव से नाता तोड़कर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बनाने वाले शिवपाल यादव की विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की याचिका को समाजवादी पार्टी ने वापस लेने का फैसला किया है. इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को बाकायदा पत्र लिखा है.

Advertisement
अखिलेश यादव और शिवपाल यादव अखिलेश यादव और शिवपाल यादव

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 25 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 9:05 AM IST

  • क्या सपा में होगी शिवपाल यादव की वापसी?
  • शिवपाल ने 2018 में अलग अपनी पार्टी बना ली थी

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल यादव पर नरम पड़ते दिख रहे हैं. प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रमुख और विधायक शिवपाल यादव की विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की याचिका को समाजवादी पार्टी ने वापस लेने का फैसला किया है. इस संबंध में सपा की ओर से नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को पत्र लिखकर याचिका को वापस लेने गुहार लगाई है.

Advertisement

राम गोविंद चौधरी ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा, 'आपके सम्मुख जो याचिका विचाराधीन है, उसमें पूरे प्रपत्र नहीं लगे हैं. शिवपाल यादव की सदस्यता समाप्त करने के लिए जो जरूरी प्रपत्र होते हैं, उसे हम आपके समक्ष प्रस्तुत भी नहीं कर सके हैं. इस कारण आपको (स्पीकर) निर्णय लेने में भी असुविधा हो रही है. इसीलिए इस याचिका को वापस कर दिया जाए.'

ये भी पढें: क्या फिर एक होगा मुलायम का कुनबा? शिवपाल ने अखिलेश से दिए सुलह के संकेत

पिछले साल समाजवादी पार्टी ने शिवपाल यादव की सदस्यता खत्म करने के लिए पत्र लिखा था. विधानसभा में विपक्ष के नेता और सपा के वरिष्ठ नेता रामगोविंद चौधरी की ओर से दलबदल विरोधी कानून के आधार पर शिवपाल यादव की सदस्यता निरस्त करने के लिए विधानसभा सचिवालय को 4 सितंबर को ही पत्र लिखा गया था.

Advertisement

ये भी पढें: शिवपाल की वापसी पर बोले अखिलेश- आंख बंद करके पार्टी में कर लेंगे शामिल

दरअसल 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले ही चाचा-भतीजे शिवपाल यादव व अखिलेश यादव के बीच खटास आ गई थी. समाजवादी पार्टी में अखिलेश यादव के साथ मनमुटाव बढ़ने पर शिवपाल यादव ने अलग होकर 2018 अगस्त में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली थी, लेकिन तकनीकी तौर पर वह समाजवादी पार्टी से अभी ही विधायक हैं, क्योंकि न तो उन्होंने सपा छोड़ी है और न ही अखिलेश ने उन्हें पार्टी से बाहर निकाला है. इसी के चलते वो उनकी विधायकी अभी तक बची हुई है और अब सपा ने उसे वापस लेने की गुहार लगाई है.

हालांकि, सपा के इस कदम से शिवपाल यादव की पार्टी में वापसी की संभावना तेज हो गई है. सपा में वापसी के संकेत उस समय से बढ़ गए थे, जब होली के मौके पर पैतृक गांव सैफई में दोनों एक मंच पर आए थे. इस दौरान अखिलेश ने शिवपाल के पैर भी छुए थे और शिवपाल ने रामगोपाल यादव के पैर छुए थे.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement