निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर टेंडर से संबंधित एक लेटर वायरल हुआ है. इस लेटर में एयरपोर्ट की जमीन कई कार्यों के लिए आवंटित किए जाने की बात कही गई है. यमुना विकास प्राधिकरण ने इस लेटर को फर्जी बताया है. इस लेटर को लेकर यमुना विकास प्राधिकरण अब हरकत में आ गया है. यमुना विकास प्राधिकरण ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है.
यमुना प्राधिकरण ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि प्राधिकरण की ओर से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया है. प्राधिकरण ने फर्जी पत्र का मामला संज्ञान में लेते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा दी है. प्राधिकरण के सीईओ डॉक्टर अरुणवीर सिंह ने बताया कि यह लेटर पूरी तरह फर्जी है. इस तरह का कोई वेलकम लेटर किसी भी कंपनी को जारी नहीं किया गया है.
अरुणवीर सिंह ने कहा है कि 20 मार्च 2021 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़ी जमीन पर कार्य आवंटन किए जाने से संबंधित एक लेटर संज्ञान में आया है, जबकि प्राधिकरण ने ऐसा कोई पत्र किसी को जारी नहीं किया है. ये एक फर्जी वेलकम लेटर है जिसे फैलाया जा रहा था. इसमें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड और उत्तर प्रदेश सरकार का जिक्र कर फर्जी ढंग से जमीन से जुड़े कार्यों के लिए 5000 एकड़ में 500 करोड़ रुपये के टेंडर का अप्रूवल दिखाया जा रहा था.
प्राधिकरण के सीईओ ने कहा है कि कंपनी के कॉलम में किसी का नाम नहीं लिखा था. ऑफिस के पते के नाम पर अनूपपुर, मध्य प्रदेश लिखा है. लोग इस तरह के फर्जी लेटर के झांसे में न आएं. उन्होंने दावा किया कि एयरपोर्ट के काम के आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी. जेवर एयरपोर्ट का क्षेत्रफल 3200 एकड़ है, जबकि इसमें 5000 एकड़ जमीन का जिक्र किया गया है. उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से फर्जी लेटर है.
तनसीम हैदर