दिल्ली के बाद मेरठ, बागपत तक पुरानी डीजल गाड़ियों पर बैन लागू

यूपी परिवहन विभाग का यह आदेश नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, शामली और हापुड़ तक लागू होगा. आपको बता दें कि यूपी-एनसीआर में करीब 4 लाख ऐसे वाहन हैं जो कि 10 साल से ज्यादा पुराने हैं.

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धुंध के कारण यूपी परिवहन विभाग का फैसला धुंध के कारण यूपी परिवहन विभाग का फैसला

कुमार अभिषेक

  • नोएडा/लखनऊ,
  • 10 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:38 AM IST

नई दिल्ली-एनसीआर इलाके में धुंध के कारण हालात काफी मुश्किल हो रहे हैं. दिल्ली के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदूषण को लेकर कड़ा कदम उठाया है. यूपी परिवहन विभाग ने पूरे एनसीआर इलाके में 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों पर रोक लगा दी है. अगर 10 साल से पुरानी गाड़ी सड़क पर दिखी तो उसे जब्त कर लिया जाएगा.

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यूपी परिवहन विभाग का यह आदेश नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, शामली और हापुड़ तक लागू होगा. आपको बता दें कि यूपी-एनसीआर में करीब 4 लाख ऐसे वाहन हैं जो कि 10 साल से ज्यादा पुराने हैं.

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग के जरिए बुरा हाल है. एनजीटी ने दिल्ली सरकार, एमसीडी और पड़ोसी राज्यों को फटकार लगाई थी. एनजीटी ने दिल्ली में सभी औद्योगिक गतिविधियों पर रोक लगाई है, अगली सुनवाई तक ये रोक जारी रहेगी. इसके अलावा दिल्ली सरकार ने भी प्रदूषण को काबू रखने के लिए 13 से 17 नवंबर तक के लिए ऑड इवन लागू किया है.

यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुआ था बड़ा हादसा

आपको बता दें कि अभी हाल ही में यमुना एक्सप्रेस-वे पर धुंध के कारण ही एक के बाद एक 18 गाड़ियां आपस में भिड़ गई थीं. इस हादसे में कई लोग घायल हुए थे. हादसे का जो वीडियो सामने आया था, वह सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था.

हादसे में घायल हुए लोगों ने बताया, ' हम लोग अलीगढ़ से आ रहे थे, जिसमें फोग होने के चलते आपस में कई गाड़ियां टकरा गई जिसमें हम लोगों को चोट लगी हैं. स्मॉग इतना ज्यादा था की पास की गाड़ियां भी नहीं दिख रही थी और एक के बाद एक करीब 18 गाड़िया टकरा गई. जिसमें और भी कई लोग घायल हो गए हैं जिन्हें अस्पताल भेजा गया हैं.'

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