भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) किसान आंदोलन ख़त्म होने के बाद गाज़ीपुर बॉर्डर से बुधवार को किसानों के बड़े हुजूम के साथ मुज़फ्फरनगर पहुंचे. उन्होंने यहां कहा कि अभी तो एक साल की ट्रेनिंग हुई है, जंग बाकी है. बता दें कि यहां देर रात शाहपुर क्षेत्र के सौरम गांव की चौपाल पर ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया.
इस दौरान ग्रामीणों ने जहां राकेश टिकैत का माला पहनाकर स्वागत किया तो वहीं आज भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के जन्मदिवस पर ग्रामीणों ने केक बनवाया, जिसे राकेश टिकैत ने मंच पर काटा.
सौरम गांव की चौपाल पर मंच से राकेश टिकैत जमकर गरजे. उन्होंने यहां के किसानों और नौजवानों को संबोधित करते हुए कहा कि गड़बड़ हमारे खेत में नहीं है. हमारे हल में नहीं है. गड़बड़ है तो दिल्ली की कलम में है. ये समझ गए अब हम. हमारा हल ठीक है. देश का किसान हल भी ठीक चलाता है, फिर भी घाटे में है.
उन्होंने कहा कि इस दिल्ली की कलम को ठीक करना पड़ेगा. ये खाप पंचायत का मुख्यालय है. तैयार रहना ये कभी भी शुरू हो सकती है. एक साल की ट्रेनिंग हुई है. ये कान खोल कर सुन ले दिल्ली. एक साल की ट्रेनिंग हुई है. जंग की अब बारी है. आने वाले टाइम में जंग होगी. जंग के लिए तैयार रहना. इसीलिए हम यहां आए हैं.
'सरकार के पास चुनावी आचार संहिता तक का समय'
टिकैत ने कहा कि देश के नौजवान का साथ चाहिए. ये ज़मीन और ज़मीर अब नहीं बिकेगा. ये खाप पंचायतें मजबूत हैं. नहीं बिकने देंगे देश का ज़मीर और ज़मीन. उन्होंने कहा कि अब कोई लुटेरा बादशाह तैयार नहीं होगा. हरियाणा में और यहां पर आप मजबूत हों तो ये देश बचेगा, वरना ये देश नहीं बचेगा. हम पूरे देश में जाएंगे. सरकार के पास में चुनाव आचार संहिता तक का समय है. चुनाव आचार संहिता तक सरकार अपना काम करे.
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