मंगलवार सुबह मायावती ने ट्वीट में लिखा कि कानपुर राजकीय संरक्षण गृह में काफी बहन-बेटियों के कोरोना संक्रमित होने व कुछ के गर्भवती होने की खबर से सनसनी व चिन्ता की लहर दौड़ना स्वाभाविक ही है. जो पुनः साबित करता है कि यूपी में महिला सम्मान तो दूर उनकी सुरक्षा के मामले में सरकार उदासीन, लापरवाह व गैर-जिम्मेदार बनी हुई है.
बसपा प्रमुख ने लिखा कि इससे पहले आजमगढ़ में दलित बेटी के साथ अन्याय के मामले में जब सरकार ने सख्त कार्रवाई की थी. तो यह देर आए दुरूस्त आए लगा था. लेकिन सर्वसमाज की बहन-बेटियों के साथ लगातार होने वाली अप्रिय घटनाओं से स्पष्ट है कि आजमगढ़ की कार्रवाई केवल एक अपवाद थी, सरकार की नीति का हिस्सा नहीं है.
सरकार से मांग करते हुए मायावती ने लिखा कि बीएसपी की मांग है कि यूपी सरकार कानपुर बालिका संरक्षण गृह के घटना की लीपापोती न करे बल्कि इसको गंभीरता से ले.
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मायावती ने कहा कि इसकी उच्च-स्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे. साथ ही, यूपी के सभी बालिका गृह के व्यवस्था में अविलम्ब जरूरी मानवीय सुधार लाए तो बेहतर है.
बता दें कि यहां करीब 57 लड़कियां कोरोना वायरस से पीड़ित पाई गई थीं, जबकि 6 गर्भवती थीं. इस मामले में मानवाधिकार आयोग भी एक्टिव हुआ है और प्रशासन को नोटिस भेजा गया है. मायावती से पहले प्रियंका गांधी भी इस मसले पर सरकार को घेर चुकी हैं.
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