कानपुर के राजकीय बालिका गृह में रहने वाली 57 लड़कियों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद शहर में हड़कंप मच गया है. इलाज के लिए सभी संवासिनियों को रामा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है. इस मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) ने उच्चस्तरीय जांच और दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है.
सपा ने सोमवार को कहा, 'कानपुर के राजकीय बाल संरक्षण गृह में कोरोना जांच के दौरान बेटियों की दिलदहला देने वाली स्थिति सामने आई है. सरकार को मामले की त्वरित उच्चस्तरीय जांच करा बेटियों के शोषण, अत्याचार और उत्पीड़न की तह तक जाकर दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिलानी चाहिए.'
कानपुर: संवासिनी गृह में 57 लड़कियों को कोरोना
यूपी के उद्योगिक शहर कानपुर के शेल्टर होम में कोरोना विस्फोट से हड़कंप मचा हुआ है. एक कर्मचारी समेत शेल्टर होम के 57 लड़कियों और महिलाएं कोरोना की चपेट में आ चुकी है. हफ्ते भर पहले यहां पहला केस आया था और इसके बाद जिस तरह से मामला बढ़ा, उससे लखनऊ में आला अधिकारी तक हैरान हैं.
18 जून को कानपुर के इस शेल्टर होम में 33 लड़कियां और महिलाएं कोरोना पॉजिटिव निकल गई. अगले दिन 16 केस और जुड़ गए और 20 जून को 8 नए केस और आ गए. कानपुर के इस शेल्टर होम में 7 लड़कियां गर्भवती पाई गईं, जिनमें 5 संक्रमित हैं, जबकि दो गर्भवती 17 साल से भी कम हैं. एक एचआईवी संक्रमित भी है.
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शेल्टर होम में एक साथ इतने मामले आने से लखनऊ-दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा हुआ है. सरकार-प्रशासन घेरे में है. विपक्ष सवाल दाग रहा है. सवाल तो नाबालिग लड़कियां के गर्भवती होने पर भी है. कानपुर में कोरोना के अब तक कुल मामले हजार के करीब है और 39 लोगों की जान भी जा चुकी है. आधे से ज्यादा लोग कोरोना की जंग जीत चुके हैं.
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