वाराणसीः दशाश्वमेध घाट पर 501 दीप जलाकर गलवान के शहीदों को श्रद्धांजलि

15 जून की रात लद्दाख की गलवान घाटी में LAC पर चीन और भारत की सेना में हिंसक झड़प हुई थी. इस हिंसा में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे.

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गलवान के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि गलवान के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि

aajtak.in

  • वाराणसी,
  • 18 जून 2020,
  • अपडेटेड 8:13 AM IST

  • दीपों से लिखा गया शत-शत नमन
  • पीएम का संसदीय क्षेत्र है वाराणसी

लद्दाख के गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में शहीद हुए जवानों को वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की सांकेतिक आरती से पहले 501 दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी गई.

दशाश्वमेध घाट पर 501 दीपों से वीर सपूतों को शत-शत नमन लिखकर और दो मिनट का मौन रख भावभीन श्रद्धांजलि अर्पित की गई. बता दें कि कोरोना और लॉकडाउन के कारण ढाई महीनों से ज्यादा वक्त से गंगा आरती का स्वरूप वृहद ना होकर सांकेतिक ही रह गया है. एकल गंगा आरती को रोजाना शाम को संपादित करके दशकों से चली आ रही परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है.

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व्यर्थ नहीं जाएगी शहीदों की शहदात

बुधवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वायरस पर वार्ता के पहले पीएम मोदी ने चीन सीमा पर शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी. पीएम मोदी ने कहा कि मैं देश को भरोसा देता हूं कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि सैनिक मारते-मारते मरे हैं. वाराणसी पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है.

भारतीय सैनिकों पर हमले के लिए पहले से तैयार थे चीनी सैनिक, इकट्ठा कर रखे थे पत्थर

गौरतलब है कि 15 जून की रात लद्दाख की गलवान घाटी में LAC पर चीन और भारत की सेना में हिंसक झड़प हुई थी. इस हिंसा में भारत के 20 जवान शहीद हो गए. जानकारी ये भी है कि चीन के करीब 40 जवान हताहत हुए हैं, लेकिन चीन ने अब आधिकारिक तौर पर कोई संख्या नहीं बताई है. साथ ही चीन ने भारत पर ही कार्रवाई का आरोप लगाया है. जबकि भारत ने साफ तौर पर कहा है कि ये पूरी घटना चीन की हिमाकत का नतीजा है.

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