उत्तर प्रदेश के सभी विधायकों को 20 अगस्त से शुरू होने वाले राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र में भाग लेने से पहले कोरोना वायरस की जांच करानी होगी. विधायकों को इसके लिए एंटीजन टेस्ट से गुजरना होगा. राज्य में कोरोना के कारण इस महीने दो मंत्रियों चेतन चौहान और कमल रानी वरुण का निधन हो चुका है.
सूत्रों के अनुसार, राज्य विधानसभा के स्पीकर हृदय नारायण दीक्षित पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर चुके हैं और दोनों ने सैद्धांतिक रूप से इस पर सहमति जताई है.
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विधानसभा सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को सभी विधायकों की जांच कराने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है. सचिवालय के सभी 125 कर्मचारियों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों की कोरोना जांच के लिए तैयारी पहले ही की जा चुकी है.
इस बीच, सत्र के लिए बैठने की व्यवस्था कोरोना प्रोटोकॉल और सामाजिक दूरी बरकरार रखने को ध्यान में रखते हुए की गई है. यह भी तय किया गया है कि पहली बार विधायक बने नेताओं को पहली मंजिल की सीटों पर बैठने के लिए कहा जाएगा, जबकि ग्राउंड फ्लोर को वरिष्ठों के लिए आरक्षित रखा जाएगा.
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बता दें कि कई राज्यों की विधानसभा में अब सत्र की शुरुआत हो रही है, साथ ही जल्द ही लोकसभा और राज्यसभा में भी सत्रों की शुरुआत की जाएगी. सभी सांसदों, विधायकों के बैठने के लिए सदन प्रमुख नियमों को बना रहे हैं.
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में सख्ती बरती जा रही है. यूपी में अभी भी शनिवार-रविवार का लॉकडाउन जारी है. यूपी में कुल कोरोना केस की संख्या डेढ़ लाख को पार कर चुकी है.
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