नासिक से मजदूरों को लेकर लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची ट्रेन

नासिक से आए मजदूरों ने बताया कि हम लोग लॉकडाउन की घोषणा के बाद अपने-अपने घरों के लिए पैदल निकल पड़े थे, तभी नासिक में पुलिस ने पकड़ लिया था और क्वारनटीन कर दिया था. साथ ही मेडिकल चेकअप कराया गया था. अब जाकर हम अपने राज्य पहुंचेंगे.

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नासिक से स्पेशल ट्रेन में लखनऊ पहुंचे मजदूर (फोटो- PTI) नासिक से स्पेशल ट्रेन में लखनऊ पहुंचे मजदूर (फोटो- PTI)

कुमार अभिषेक / सत्यम मिश्रा

  • लखनऊ,
  • 03 मई 2020,
  • अपडेटेड 5:00 PM IST

  • अब मजदूरों को बसों के जरिए पहुंचाया जा रहा उनके घर
  • नासिक में क्वारनटीन पीरियड गुजारने के बाद हुई वापसी
  • लखनऊ पहुंचे सभी मजदूरों के हाथ कराए गए सैनिटाइज

कोरोना वायरस ने भारत समेत पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है. इस जानलेवा महामारी को रोकने के लिए मोदी सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन कर रखा है, जिसके चलते सभी तबके के लोगों को दिक्कतों को सामना करना पड़ रहा है. इसमें एक तबका श्रमिकों का भी है, जिसका लॉकडाउन की वजह से बुरा हाल है.

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ये मजदूर अपने परिजनों से दूर दराज इलाकों में फंसे हुए हैं. कई ऐसे भी मजदूर हैं, जो अपने घर पहुंचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर पैदल ही तय कर रहे हैं. इन्हीं सब परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने मजदूरों के लिए एक पहल की है और स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं. इसी क्रम में महाराष्ट्र के नासिक से तकरीबन साढ़े आठ सौ मजदूरों को लेकर एक विशेष ट्रेन रविवार सुबह लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंची.

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर उतरते ही नासिक से आए मजदूर खुशी में झूम उठे. अब ये मजदूर लखनऊ से बसों में अपने-अपने जिलों के लिए रवाना होंगे. नासिक से आ रहे मजदूरों से जब आजतक ने बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि जब लॉकडाउन की घोषणा हुई, उसके बाद वो लोग अपने-अपने घरों के लिए पैदल निकल पड़े थे, तभी नासिक में पुलिस ने पकड़ लिया था और क्वारनटीन कर दिया था. साथ ही मेडिकल चेकअप कराया गया था.

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लखनऊ पहुंचे मजदूरों ने सुनाई आपबीती

इन मजदूरों का कहना है कि अब हम लोग अपने राज्य पहुंच गए हैं और जल्द ही घर पहुंच जाएंगे. जब हम नासिक में फंस गए थे, तब हमारे पास पैसे कम थे. राशन और खाने-पीने की भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. हम जब राशन के लिए बाहर निकलते थे, तो पुलिस पकड़ लेती थी. इसलिए हम लोग वहां से पलायन करने लगे थे, ताकि अपने घरों को पहुंच सकें.

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नासिक से आ रहे मजदूरों के लिए चारबाग रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग की भी व्यवस्था की गई थी, तो वहीं लखनऊ प्रशासन की तरफ से खाने-पीने के पैकेट भी उनको दिए गए. ट्रेन से उतरने के बाद मजदूरों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए खड़ा किया गया था और फिर उनके हैंड को सैनिटाइज कराया गया. अब इन मजदूरों को बसों में बैठाकर घरों के लिए भेजा जा रहा है.

यूपीएसआरटीसी ने किया 32 बसों का इंतजाम

वहीं यूपीएसआरटीसी के एआरएम पीके घोष ने बताया कि हमको कुल 840 मजदूरों के आने की सूचना मिली थी, जिसके लिए 32 बसों का इंतजाम यूपीएसआरटीसी की तरफ से किया गया था. इसमें से 27 बसें उन मजदूरों को अपने गंतव्य तक पहुंचाएंगे, जिनका ब्यौरा लिस्ट में है.

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वहीं 74 मजूदर ऐसे हैं, जिनका पता नहीं चल पा रहा था कि वो किस जिले से हैं, इसीलिए यूपीएसआरटीसी ने उन लोगों के लिए 5 बसें अलग से रिजर्व करके रखी है, ताकि उनको अपने घरों तक पहुंचाया जा सके. हमारी सभी बसें सैनिटाइज्ड हैं और चालकों को हम लोगों ने सख्त निर्देश दिए हैं कि वो प्रोटक्शन सील्ड पहनकर और मास्क लगाकर ही काम करें. वहीं बसों में बैठने से पहले मजदूरों के हाथ सैनिटाइज कराए जा रहे हैं. एक बस में 35 से ज्यादा यात्री बैठाने पर पाबंदी है.

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