बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर हत्याकांड मामले में दिवंगत नेता के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है. खोखर की 11 अगस्त को बागपत के छपरौली इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
इस संबंध में खोखर के बेटों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है. हत्या के बाद तीन पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. छपरौली पुलिस स्टेशन के एसएचओ को घटना के तुरंत बाद निलंबित कर दिया गया था, जबकि एडिशनल एसपी अनित कुमार का एक दिन बाद तबादला कर दिया गया था.
बागपत के एसपी अजय कुमार का भी तबादला कर दिया गया है. पुलिस ने एफआईआर में नामजद पांच आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन परिवार का कहना है कि वे जांच से संतुष्ट नहीं है.
खोखर के बेटे अक्षय ने कहा, "हमने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और हत्या की जांच सीबीआई से कराने के लिए कहा, क्योंकि हम पुलिस की जांच से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं. पुलिस ने मामले में हमें किसी भी प्रगति से अवगत कराने की भी जहमत नहीं उठाई है. हमें जो भी जानकारी मिल रही है, वह मीडिया से मिल रही है."
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अक्षय के मुताबिक, खेतों में छिपे हुए कम से कम पांच लोगों ने बाहर निकलकर उनके पिता को करीब से गोली मार दी थी. बदमाशों ने खोखर को सिर और सीने में गोली मार दी थी जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया था. पुलिस को हत्या के पीछे निजी दुश्मनी का शक है.
खोखर के परिवार ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिनमें चार की पहचान नितिन धनकड़, मयंक दलाद, विनीत कुमार और अंकुर शर्मा के रूप में हुई है और एक अज्ञात है. इनमें से दो को हत्या के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था,जबकि एक को बाद में गिरफ्तार किया गया था.
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