आयुष एडमिशन स्कैम: UP STF की कार्रवाई में आयुर्वेद कॉलेज के पूर्व डायरेक्टर समेत 12 गिरफ्तार

ये मामला NEET 2021 की परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें बड़े स्तर पर धांधली हुई थी. असल में इस परीक्षा में कम मेरिट के 891 छात्रों को उत्तर प्रदेश के आयुर्वेदिक होम्योपैथिक और यूनानी कॉलेज में एडमिशन दिया गया था. सर्वाधिक गड़बड़ी आयुर्वेदिक कॉलेज में एडमिशन में सामने आई थी.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 18 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 8:03 AM IST

आयुष एडमिशन घोटाले में यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है. यहां एक साथ कुल 12 लोग गिरफ्तार किए गए. इसमें आयुर्वेद कॉलेज के पूर्व डायरेक्टर एसएन सिंह, काउंसलिंग के नोडल ऑफिसर उमाकांत यादव, निजी कंपनी V3 सॉल्युशंस के कुलदीप सिंह समेत कुल 12 लोग  गिरफ्तार हुए हैं. V3 के साथ आयुष कॉलेजों के एडमिशन में काम करने वाली दो अन्य एजेंसियों के पांच कर्मी भी अरेस्ट हुए हैं. एसटीएफ को शुरुआती जांच में आयुर्वेद निदेशालय से ही गड़बड़ी के सुबूत मिले हैं.

Advertisement

यह पूरा मामला NEET 2021 की परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें बड़े स्तर पर धांधली हुई थी. असल में इस परीक्षा में कम मेरिट के 891 छात्रों को उत्तर प्रदेश के आयुर्वेदिक होम्योपैथिक और यूनानी कॉलेज में एडमिशन दिया गया था. सर्वाधिक गड़बड़ी आयुर्वेदिक कॉलेज में एडमिशन में सामने आई थी. बड़ी बात ये थी कि मेरिट में कम नंबर पाने वाले छात्रों को अच्छे कॉलेजों में एडमिशन दे दिया गया.

क्या है ये घोटाला? 

बताया जा रहा है कि बड़े पैमाने पर पैसा लेकर अपात्र छात्रों को एडमिशन देने केइस मामले में आयुर्वेद होम्योपैथी और यूनानी निदेशालय के अफसर व कर्मचारी जांच के दायरे में हैं. इस मामले में डायरेक्टर आयुर्वेद एसएन सिंह ने हजरतगंज कोतवाली में काउंसलिंग कराने वाली नोडल एजेंसी UPTRON पावर्ट्रॉनिक्स पर एफआईआर दर्ज करवाई थी और मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई थी. आरोप लगा था कि सीटों की बड़े स्तर पर सौदेबाजी हुई, पांच-पांच लाख रुपये में सीटें बेच दी गईं.

Advertisement

छात्रों ने किया था बवाल

इस मामले ने तूल भी तब पकड़ा जब रैंक मिलने के बावजूद कई छात्रों को एडमिशन नहीं मिला. उन छात्रों ने आयुष मंत्रालय से लेकर राष्ट्रपति भवन तक इस मामले को उठाया, शिकायत की गई. जब बवाल ज्यादा बढ़ा तब इस मामले में सरकार हरकत में आई और सीबीआई जांच की सिफारिश की गई.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement