आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद और भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह ने अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और उनके भतीजे दीप नारायण उपाध्याय की भूमिका पर जमीन विवाद को लेकर सवाल खड़े किए हैं. संजय सिंह ने बीजेपी के मेयर और उनके भतीजे के बैंक खातों की जांच कराने की मांग की है. साथ ही कहा कि ट्रस्ट में 1 करोड़ की जमीन 4 करोड़ में खरीदने के पूरे प्रकरण की जांच हो, साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर राम मंदिर ट्रस्ट बनकर जांच की जाए.
लखनऊ में संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने मिलकर ट्रस्ट की जमीन को महंगे दामों में खरीदकर पैसों का बंदरबाट किया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी के मेयर के भतीजे ने जो जमीन कम दाम पर ली, वहीं पर ट्रस्ट ने वही जमीन महंगे दामों पर ले ली. इसकी जांच होनी चहिए. उन्होंने इसके लिए बीजेपी के कुछ लोगों जिम्मेदार ठहराया है और लोगों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग उठाई है.
दरअसल, डेढ़ साल बाद भी राम मंदिर का निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ पाया है. आम आदमी पार्टी ने बीजेपी नेताओं की कथित चंदा चोरी को इसकी वजह बताई है.
संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा, 'बीजेपी के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, उनके भतीजे और आरोपों में घिरे ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खाते की जांच करा ली जाए तो यह साबित हो जाएगा. मेरी योगी सरकार से मांग है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर राम मंदिर के नाम पर हुई भूमि खरीद में धांधली की सुनवाई हो और चंदा चोरों को जेल भेजा जाए.'
अयोध्याः विवादों के घेरे में राम मंदिर ट्रस्ट के दो और जमीन सौदे, 20 लाख की भूमि ढाई करोड़ में खरीदी!
क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
AAP नेता संजय सिंह ने जमीन विवाद सामने आने के बाद भी एक्शन न लेने पर सवाल खड़े किए हैं. संजय सिंह ने दो करोड़ की जमीन 18.50 करोड़ में खरीदने के मामले में 6 दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर अफसोस जताया. उन्होंने कहा कि इससे साबित हो रहा है कि सरकार चंदा चोरों को बचाना चाह रही है. बीजेपी नेता ही चंदा चोरी में शामिल हैं तो बीजेपी सरकार आखिर कार्रवाई कैसे करे?
मेयर की भूमिका संदिग्ध!
संजय सिंह ने इस प्रकरण में नए प्रमाण मीडिया के सामने रखे. दस्तावेजों को दिखाते हुए कहा, 'अयोध्या के कोट रामचंदर में 14 लाख 80 हजार के मालकियत वाली जमीन जगदीश प्रसाद को महंत देवेंद्र प्रसाद से 10 लाख रुपये में मिल जाती है. भारतीय जनता पार्टी के मेयर के भतीजे दीप नारायण को इसी एरिया में 35 लाख 60 हजार की जमीन 20 लाख रुपये मिल जाती है. श्री राम जन्म भूमि ट्रस्ट को एक करोड़ 60 लाख की जमीन 4 करोड़ में मिलती है. इस पूरे खेल में बीजेपी के मेयर और उनके भतीजे का नाम भी सामने आ रहा है. इनके साथ ट्रस्ट के पदाधिकारियों के खातों की जांच करा ली जाए तो चंदा चोरी का पूरा खेल उजागर हो जाएगा.'
मंदिर निर्माण की सुस्त रफ्तार के लिए बीजेपी जिम्मेदार!
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मंदिर निर्माण की सुस्त गति के पीछे बीजेपी नेताओं सहित ट्रस्ट के पदाधिकारियों को चंदा चोरी को दोषी ठहराते हुए कहा कि मंदिर निर्माण की सुस्त रफ्तार का कारण बीजेपी नेताओं की चंदा चोरी है, यह अब पूरा देश जान चुका है. आज अगर प्रभु श्री राम का मंदिर समय से नहीं बन पा रहा है तो उसका सबसे बड़ा कारण ट्रस्ट और बीजेपी की चंदा चोरी है. आम आदमी पार्टी मांग करती है कि प्रभु श्री राम का मंदिर जल्द और भव्य बनना चाहिए.
क्या धर्मगुरु भी कर रहे राजनीति?
संजय सिंह ने कहा, 'जमीन खरीद का मामला उठाने के बाद बीजेपी नेताओं ने मुझ पर राजनीति करने का आरोप लगाया. अब रामलला के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास, रामलला के पैरोकार रहे महंत धर्मदास, हनुमानगढ़ी के मुख्य पुजारी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती भी मामले की ईडी और सीबीआई से जांच कराने की मांग कर चुके हैं. बीजेपी बताए क्या धर्मगुरु भी राजनीति कर रहे हैं?'
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आशीष श्रीवास्तव