इलाहाबाद अब प्रयागराज, शहर का नाम बदलने को योगी कैबिनेट की मंजूरी

2019 में होने वाले कुंभ से पहले योगी सरकार ने इलाहाबाद का नाम बदलने का फैसला लिया है. इलाहाबाद का नाम अब प्रयागराज होगा.

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इलाहाबाद जंक्शन की तस्वीर (फाइल फोटो, aajtak.in) इलाहाबाद जंक्शन की तस्वीर (फाइल फोटो, aajtak.in)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 16 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 11:17 AM IST

कुंभनगरी इलाहाबाद (Allahabad) का नाम अब आधिकारिक रूप से प्रयागराज (Prayagraj) हो गया है. मंगलवार को उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसी के साथ ही राज्य में नाम बदलने की राजनीति में एक और नया अध्याय जुड़ गया है. कुछ दिन पहले ही संतों के द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसका प्रस्ताव दिया गया था. जिसके बाद यूपी सीएम ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया था.

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शहर का नाम बदलने के साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का नाम भी बदल जाएगा. गौरतलब है कि अगले साल होने वाले कुंभ से पहले इलाहाबाद चर्चा का केंद्र बना हुआ है. योगी सरकार कुंभ को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी कर रही है, शहर में जीर्णोद्धार का काम युद्ध स्तर पर जारी है.

काफी समय से चल रही है नाम बदलने की राजनीति

बता दें कि सूबे में नामों की राजनीति काफी समय से चलती आ रही है. अभी कुछ समय पहले ही योगी सरकार ने ऐतिहासिक मुगलसराय स्टेशन का नाम बदल कर दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रख दिया था. और अब शहर का नाम ही बदला गया है. इनके अलावा भी कई योजनाओं और स्थानों का नाम बदला जा चुका है.

अखिलेश ने किया था वार

इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां बीजेपी सरकार को घेरने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन विरोध को भूला सरकार अपने फैसले पर कायम रही. पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आस्था के साथ खिलवाड़ बताया था.

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अकबर ने बदला था नाम

दरअसल, पुराणों में इलाहाबाद का नाम प्रयागराज ही था. लेकिन अकबर के शासनकाल में इसे बदलकर इलाहाबाद कर दिया गया था. इतिहासकार बताते हैं कि अकबरनामा और आईने अकबरी व अन्य मुगलकालीन ऐतिहासिक पुस्तकों से ज्ञात होता है कि अकबर ने सन 1574 के आसपास प्रयागराज में किले की नींव रखी थी.

मंगलवार को हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में इलाहाबाद के नाम बदलने के अलावा भी कई बड़े फैसले किए गए. जो इस प्रकार हैं...

> जनपद ललितपुर में मौजूद तहसील पालीपुर के 23 गांव को तहसील सदर में शामिल किया गया है.

> दुग्ध नीति को अब ब्लॉक स्तर पर ले जाने को सरकार को मंजूरी, 1500 लीटर दुग्ध सप्लाई को इसमें शामिल किया गया है. इसके तहत पुरस्कार भी बांटा जाएगा, जिसे नंद बाबा पुरस्कार अवार्ड कहा जाएगा, इसमें 52 लाख रुपये का व्यय आएगा.

> 7 मेडिकल कॉलेजों के लिए बजट का ऐलान, इनमें एटा- 216.8 करोड़, देवरिया- 201.9, फतेहपुर- 212.50 करोड़, गाजीपुर- 220.45 करोड़, हरदोई- 206.33 करोड़, प्रतापगढ़- 213करोड़, सिद्धार्थनगर- 245.11 करोड़ का बजट शामिल है.

>  कुंभ से पहले इलाहाबाद का नाम प्रयागराज किया गया है, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी है. केंद्र की जो भी संस्थाएं हैं, उसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा.

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