दुनियाभर के न्यायधीशों का सम्मेलन खत्म, वर्ल्ड गवर्नमेंट और विश्व संविधान की वकालत

सम्मेलन में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि दुनिया के देश मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ें और बड़े देश इसकी पहल करें. क्योंकि आने वाले वक्त में युद्ध की विभीषिका मंडरा रही है और अगर वर्ल्ड गवर्मेंट का यह सपना पूरा होता है तो आने वाली पीढ़ी को और खासकर बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है.

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लखनऊ में दुनियाभर के न्यायधीशों का सम्मेलन खत्म लखनऊ में दुनियाभर के न्यायधीशों का सम्मेलन खत्म

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 15 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:43 AM IST

लखनऊ में दुनिया भर के न्यायाधीशों का सम्मेलन खत्म हो गया. इस सम्मेलन में वर्ल्ड कांस्टिट्यूशन बनाने के साथ वर्ल्ड गवर्नमेंट बनाने का चार्टर पेश किया गया. सीएमएस के तत्वाधान में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस फॉर चीफ जस्टिस में जुटे 60 देशों के करीब ढाई सौ न्यायधीशों, मुख्य न्यायधीशों और पीस वर्कर्स के इस सम्मेलन में दुनिया में बढ़ते दहशत के बीच एक संविधान और एक सरकार पर चर्चा की गई.

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इसके अलावा सम्मेलन में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि दुनिया के देश मिलकर इस दिशा में आगे बढ़ें और बड़े देश इसकी पहल करें. क्योंकि आने वाले वक्त में युद्ध की विभीषिका मंडरा रही है और अगर वर्ल्ड गवर्मेंट का यह सपना पूरा होता है तो आने वाली पीढ़ी को और खासकर बच्चों को सुरक्षित किया जा सकता है.

सीएमएस का 18वां अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 8 नवंबर से 14 नवंबर तक चला. सीएमएस के फाउंडर जगदीश गांधी ने कहा कि अगर हमें दुनिया को सुरक्षित करना है तो यूनाइटेड नेशन्स से आगे जाकर सोचना होगा और वर्ल्ड गवर्नमेंट और वर्ल्ड कांस्टिट्यूशन को जमीन पर उतरना ही होगा.

सीएमएस के इंटरनेशनल रिलेशन प्रमुख शिशिर श्रीवास्तव ने बताया, "पिछले 18 सालों की मेहनत रंग ला रही है और दुनिया भर के देश इस विचार को लेकर इस दिशा में गंभीर मंथन में जुटे हैं."

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इससे पहले यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के उद्घाटन के साथ शुरू हुआ था जिसमें बीजेपी के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी सहित डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा और कई मंत्री मौजूद रहे. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली में की थी.

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में दुनिया भर से जुटे न्यायाधीशों को सम्मेलन के बाद एक डिनर भी दिया था. आखिरी दिन रंगारंग कार्यक्रमों के साथ यह सम्मेलन खत्म हुआ इस पैगाम के साथ कि जल्द ही पूरी दुनिया एक देश और एक संविधान मान लेगी और शांति का रास्ता साफ होगा.

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