केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दिल्ली के लाजपत नगर में रैली के दौरान नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बैनर दिखा विरोध जताने वाली दो महिलाओं को उनके किराए के घर से निकाल दिया गया है. रविवार को दोनों महिलाओं ने अमित शाह की रैली के दौरान अपने किराए के घर की बालकनी से 'शेम', 'आज़ादी' और 'एनआरसी' जैसे नारे लिखे बैनर लहराया था.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार दोनों महिलाओं को अब उनके मकान मालिक ने निकाल दिया है. जब मकान मालिक से इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कभी उन्हें किराए पर मकान नहीं देना चाहिए था. जिन महिलाओं को निकाला गया है, उनमें से एक ने कहा कि वह रविवार को विरोध करने के लिए केवल अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रही थी. उन्होंने कहा कि उन्हें लगा कि गृह मंत्री के सामने विरोध जताने का यह सही मौका है.
महिला ने यह भी दावा किया कि रविवार को अपनी बालकनी में बैनर दिखाने के तुरंत बाद, अमित शाह की रैली में मौजूद रहे लोगों ने उन्हें और उनके फ्लैटमेट को डराया और अपमानजनक टिप्पणी की. उन्होंने यह भी कहा कि उनका मकान मालिक भी आक्रोशित भीड़ का हिस्सा था. महिला ने आरोप लगाया कि उसने (मकान मालिक) उसे और उसके फ्लैटमेट को 3-4 घंटों के लिए घर के अंदर बंद कर दिया था.
क्या है मामला
दरअसल, बीजेपी नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में जन जागरण अभियान चला रही है. इसी क्रम में गृह मंत्री अमित शाह रविवार को देश की राजधानी दिल्ली के लाजपत नगर पहुंचे थे. लाजपत नगर में जिस गली में गृह मंत्री अमित शाह का सीएए को लेकर जन जागरण अभियान कार्यक्रम था, उसी गली के एक घर में छत से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ बैनर टंगा था और छत से नारेबाजी की गई थी.
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