मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार को गिरफ्तार किए जाने के एक हफ्ते बाद उनके हजारों समर्थक बुधवार को बेंगलुरु में विरोध-प्रदर्शन करेंगे. इनमें वोक्कालिगा समुदाय के लोग भी शामिल हैं, जिससे डीके शिवकुमार आते हैं. इस विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर 3 हजार से ज्यादा पुलिसवालों की तैनाती की गई है.
प्रदर्शनकारी बसावनगुडी में नेशनल कॉलेज से विरोध मार्च शुरू करेंगे और फ्रीडम पार्क पर यह समाप्त होगा. 5.2 किलोमीटर लंबा यह मार्च बेंगलुरु शहर के मध्य इलाकों से गुजरेगा. बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आयोजकों के साथ कई बैठकें की गई हैं.
उन्होंने कहा कि पुलिस ने आयोजकों पर कई शर्तें लगाई हैं क्योंकि यह विरोध-प्रदर्शन छुट्टी के अगले दिन हो रहा है, जिससे शहर में रहने वालों को मुश्किलें आएंगी. उन्होंने कहा, 'चूंकि यह भावनात्मक मुद्दा है, हम नहीं चाहते कि विरोध-प्रदर्शन को रोकना पड़े. लेकिन हमने काफी सख्त शर्तें रखी हैं.
पुलिस ने कहा कि अगर किसी भी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा तो प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि 11 डीसीपी, 45 एसीपी, 106 पुलिस इंस्पेक्टर, 373 पीएसआई, 2500 अन्य रैंक और 50 रिजर्व पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स पर कानून एवं व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी है.
डीके शिवकुमार बोले- शांतिपूर्ण हो विरोध-प्रदर्शन
वहीं डीके शिवकुमार के ट्विटर हैंडल से इस विरोध-प्रदर्शन को लेकर ट्वीट किया गया. इसमें उन्होंने कहा, 'मैं उन नेताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और दोस्तों का शुक्रिया अदा करता हूं जो कल मेरे लिए बेंगलुरु में विरोध-प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं. मैं अनुरोध करता हूं कि विरोध शांतिपूर्ण होना चाहिए और नागरिकों को कोई परेशानी न हो. साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान नहीं होना चाहिए.'
नोलान पिंटो