इंडिया टुडे सफाईगीरी अवॉर्ड्स 2019 में प्लास्टिस से होने वाले प्रदूषण को कैसे कम किया जा सके, इस विषय पर चर्चा हुई. इस मुद्दे पर Eco Wise Waste Management के फाउंडर और सीईओ मानिक थापर ने भी अपने विचार रखे. उन्होंने बताया कि हर तरफ सफाई को लेकर बात की जा रही है, सरकार भी इसे मुहिम के रूप में चला रही है लेकिन इस पूरे अभियान को उद्योग के रूप में स्थापित करना होगा, तभी अच्छे नतीजे आ सकेंगे.
मानिक थापर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ करते हुए कहा कि यह अभियान अच्छा है, लेकिन हमें सफाई के काम को सिर्फ सामाजिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए, इसे कारोबार के लिहाज से भी देखना पड़ेगा. मानिक ने बताया कि वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर अच्छा काम कर रहा है, लेकिन अब तक इस सेक्टर को इंडस्ट्री की शक्ल नहीं दी गई है.
सफाई की मुहिम में लाना होगा पैसा
मानिक थापर ने कहा कि जब तक सफाई अभियान में पैसा नहीं आएगा, तब तक लोग उसी सोच के साथ चलते रहेंगे कि ये मेरा काम नहीं है और सालों से जो चला आ रहा है वो यूं ही चलता रहेगा. थापर ने कहा कि फिलहाल चीजें धीरे-धीरे बदल रही हैं, लेकिन वेस्ट मैनेजमेंट सेक्टर को इंडस्ट्री का रूप दिया जाए और इसमें पैसा लाया जाए तो जरूर लोग इससे जुड़ेंगे और इसका ज्यादा प्रभाव पड़ेगा.
घर पर कैसे करें वेस्ट मैनेजमेंट
वेस्ट मैनेजमेंट को इंडस्ट्री बनाने की पैरवी करने के साथ ही मानिक थापर ने वो सुझाव भी दिए जिनसे घर पर रहकर भी प्लास्टिक और कूड़े से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है और उसका सही इस्तेमाल किया जा सकता है. मानिक थापर ने बताया कि घर के अंदर कूड़े को अलग-अलग करना चाहिए. गीले कूड़े की घर के अंदर ही खाद बनानी चाहिए. छोटी-छोटी चीजों से ही चीजें बदल जाएंगी. किसी पर दबाव बनाने की जरूरत नहीं है.
Beat Plastic Pollution विषय पर आयोजित इस सत्र में मानिक थापर के अलावा अभिनेत्री व एक्टिविस्ट गुल पनाग ने हिस्सा लिया. साथ ही Bare Necessities की फाउंडर और सीईओ सहर मंसूर भी इसमें शामिल हुईं.
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