भारतीय रेलवे के कर्मचारियों की पोशाक बदलने के इरादे से फैशन डिजाइनर रितू बेरी की सोशल मीडिया पर एक सर्वे शुरू किया है. इसमें चार थीम में से एक को चुनने के लिए कहा गया है. इस सर्वे में अभी तक 50 फीसदी से ज्यादा लोगों ने 'दि वायब्रेंट सोल ऑफ इंडिया' को पसंद किया है. इस थीम में भारतीय नृत्यकलाओं का सम्मिश्रण है.
चारों कलर थीम को लेकर फैशन डिजाइनर रितू बेरी 26 जुलाई को रेल मंत्री सुरेश प्रभु से भी मिली थीं. बेरी के प्रजेंटेशन के बाद रेल मंत्री संग करीब 1 घंटे हुई इस बैठक में उन्होंने अपनी सुझाई चार थीम्स में एक थीम चुनने के लिए सोशल मीडिया पर सर्वे आयोजित करने का सुझाव दिया था.
किसको मिले कितने वोट
दूसरी ओर, सोशल मीडिया में मिले वोट पर नजर डालें तो पहले ऑप्शन इथोज ऑफ इंडिया को 14 फीसदी लोगों ने चुना है. दि गोल्डन पीरियड को 19 फीसदी लोगों ने पंसद किया है, वहीं दि लेगिसी ऑफ नवाब्स 17 फीसदी लोगों को पसंद आया. सबसे अधिक 50 फीसदी वोट दि वायब्रेंट सोल ऑफ इंडिया को मिले हैं.
इस कार्यक्रम के तहत इस बारे में एक सोशल मीडिया कैंपेन शुरू की गई है. रेल मंत्रालय में इस सर्वे के बारे में विचार करने के लिए बुधवार यानी 17 अगस्त को एक उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई गई. रेलवे में तमाम कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड है.
इन कर्मचारियों की ड्रेस को बदलने की है तैयारी-
1- स्टेशन मास्टर
2- टीटीई
3- टिकट बुकिंग स्टाफ
4- रेलवे गार्ड
5- इंजन ड्राइवर
6- रेलगाड़ी में सफर करने वाला स्टाफ
7- स्टेशन पर काम करने वाला स्टाफ
8- भारतीय रेलवे के सभी अफसर
इन सभी कर्मचारियों के अलावा भारतीय रेलवे की पहचान बन चुके कुलियों की लाल रंग की पोशाक भी बदली जाएगी. फैशन डिजाइनर रितू बेरी को 22 अगस्त को रेल मंत्रालय में बैठक के लिए बुलाया गया है. इस बैठक में रेलमंत्री भी मौजूद रहेंगे. बैठक में दि वायब्रेंट सोल ऑफ इंडिया थीम को ड्रेस कोड में ढालने की बारीकियों पर चर्चा की जाएगी.
सिद्धार्थ तिवारी