राजीव धवन की अवमानना याचिका: सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी ने मांगी माफी

गुरुवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रोफेसर 88 साल के हैं, ऐसे में सजा देना उचित नहीं. वहीं धवन की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर कोई ऐसा न करे, कोर्ट ये संदेश दे.

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सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:30 AM IST

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राजीव धवन की अवमानना याचिका मामले में सेवानिवृत्त शिक्षा अधिकारी एन. षणमुगम ने बिना शर्त माफी मांगी है. इसके साथ ही कोर्ट ने केस बंद कर दिया.

गुरुवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो 88 साल के हैं, ऐसे में सजा देना उचित नहीं. वहीं धवन की ओर से पेश कपिल सिब्बल ने कहा कि वो कोई सजा नहीं चाहते, बल्कि चाहते हैं कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर कोई ऐसा न करे, कोर्ट ये संदेश दे.

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सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस गोगोई ने षणमुगम से पूछा, आप यह क्यों कर रहे हैं? आप 88 साल के हैं ”. षणमुगम ने राजीव धवन को धमकी भरा पत्र लिखा था, इसी मामले में गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई हुई. षणमुगम ने इस पर खेद जताया. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने 88 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी षणमुगम के खिलाफ अदालती कार्यवाही की अवमानना को बंद कर दिया. षणमुगम ने राम लला के खिलाफ पेश होने के लिए मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन को धमकी भरा पत्र भेजा था.

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