जिन्हें भूखे पेट सोने का दर्द नहीं पता, उनके लिए गरीबी एक मानसिक अवस्था: PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर मंगलवार को तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें रात को भूखे पेट सोने का दर्द नहीं पता, उनके लिए यह एक मानसिक अवस्था हो सकती है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 5:01 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात के दौरे पर रहे. गुजरात के वस्त्रल में मोदी ने श्रम योगी मानधन योजना का शुभारंभ किया. इस दौरान पीएम ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी एक ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं. आज के इस कार्यक्रम का होस्ट गुजरात है, लेकिन इस कार्यक्रम में इस समय पूरे देश से करीब 2 करोड़ लोग तकनीक के माध्यम से शामिल हुए हैं. गरीबी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर मंगलवार को तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जिन्हें रात को भूखे पेट सोने का दर्द नहीं पता, उनके लिए यह एक मानसिक अवस्था हो सकती है.

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असंगठित क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेंशन योजना शुरू की जिसका नाम 'प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना' है. उन्होंने कहा, इस योजना का उद्देश्य समाज के उस पिछ्ड़े वर्ग का उत्थान करना है जिसे बाकी सरकारों ने अनदेखा कर दिया और इनके विकास को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया. इस दौरान उन्होंने लोगों से ' गरीबी हटाओ' का नारा भी लगवाया. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने खुद को कामगारों के मसीहा के रूप में दिखाया है. लेकिन उन्होंने अपनी सरकार के वक्त गरीबों के लिए इस तरह की एक योजना शुरू नहीं की.

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा उन्होंने 55 साल तक देश पर शासन किया और गरीबों के नाम पर वोट लिया लेकिन उनके विकास के लिए कोई काम नहीं किया. कांग्रेस वाले कहते हैं कि गरीबी एक मानसिक अवस्था है, गरीबी जैसा कुछ नहीं है. बता दें, राहुल गांधी के गरीबी को मानसिक अवस्था बताने वाले 2013 के एक बयान का स्पष्ट रूप से हवाला देते हुए मोदी ने कहा, उनके लिए गरीबी फोटो खिंचवाने का केवल एक अवसर है.

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मोदी ने इस दौरान खुद को चायवाला कहते हुए कहा कि चायवाले ने 55 महीने में ऐसी योजना लाकर दी जो एक सरकार 55 साल में ऐसा नहीं कर पाई. बता दें, मंगलवार को पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना यानी PMSYM देश के लगभग 42 करोड़ श्रमिकों, कामगारों की सेवा में समर्पित की है.

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