सेना के पलटवार से बौखलाया पाकिस्तान, चौथी बार भारतीय उप उच्चायुक्त तलब

भारत की रणनीति हमेशा से पहले प्रहार न करने की रही है. पाकिस्तान की ओर से ही हमेशा सीजफायर का लगातार उल्लंघन होता है, जिसकी आड़ में वह भारतीय सीमा में आतंकवादियों की घुसपैठ कराता है. उसके नापाक करतूतों का भारतीय सेना भी मुंहतोड़ जवाब देती है.

Advertisement
भारतीय सेना के जवान (Photo-DD) भारतीय सेना के जवान (Photo-DD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

अनुच्छेद 370 को लेकर बौखलाया पाकिस्तान सुधरने का नाम नहीं ले रहा है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का मुद्दा उठाया, लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ी. बावजूद इसके पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. पाकिस्तान ने भारतीय सेना पर सीजफायर तोड़ने का झूठा आरोप लगाते हुए चौथी बार भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर गौरव अहलूवालिया को तलब किया है.

Advertisement

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि डायरेक्टर जनरल (साउथ एशिया एंड सार्क) मोहम्मद फैसल ने 18 अगस्त को चिरीकोट और हॉट स्प्रिंग सेक्टर्स में सीजफायर तोड़े जाने का विरोध किया है. पाकिस्तान का दावा है कि सीजफायर उल्लंघन में दो नागरिक की मौत हो गई और एक 7 साल का बच्चा बुरी तरह घायल हो गया.

आपको बता दें कि भारत की रणनीति हमेशा से पहले प्रहार न करने की रही है. पाकिस्तान की ओर से ही हमेशा सीजफायर का लगातार उल्लंघन होता है, जिसकी आड़ में वह भारतीय सीमा में आतंकवादियों की घुसपैठ कराता है. उसके नापाक करतूतों का भारतीय सेना भी मुंहतोड़ जवाब देती है.

पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को घेरने की कोशिशों में लगा है. लेकिन उसके हाथ सिर्फ नाकामी ही लग रही है. पाकिस्तान ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का मुद्दा उठाया. लेकिन रूस और फ्रांस ने इस मामले में भारत का ही साथ दिया. यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने बैठक के बाद पाकिस्तान और चीन को जमकर लताड़ लगाई थी.

Advertisement

उन्होंने कहा था कि अनुच्छेद 370 हटाना भारत का आंतरिक मसला है और बाहरी लोगों को इससे कोई मतलब नहीं होना चाहिए. दूसरी ओर महंगाई से पाकिस्तान का दम निकला हुआ है और अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली मदद में कटौती कर दी है. अमेरिका ने 44 करोड़ डॉलर की नकद सहायता में कटौती की है. इसके बाद से अब उसकी प्रतिबद्धता सिर्फ 410 अरब डॉलर हो गई है.  

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement