PAK नेशनल डे: दिल्ली में PAK उच्चायोग के बाहर से पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया

दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान राष्ट्रीय दिवस समारोह में आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं भेजने का फैसला किया था.

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पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर पुलिस पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर पुलिस

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 8:33 PM IST

दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, जहां शुक्रवार को पाकिस्तान का राष्ट्रीय दिवस मनाया जा रहा है. बताया जा रहा है कि वह शख्स अंदर जाने की कोशिश कर रहा था. हालांकि, पाकिस्तानी उच्चायोग में कोई भी हुर्रियत का नेता मौजूद नहीं है. दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग द्वारा राष्ट्रीय दिवस समारोह में विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर के कई अलगाववादी नेताओं को आमंत्रित किया गया था.

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हालांकि, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस समारोह में आधिकारिक प्रतिनिधि नहीं भेजने का फैसला किया था. भारतीय उच्चायुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बात की जानकारी दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने आज पाकिस्तान राष्ट्रीय दिवस समारोह में भाग लेने के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं भेजने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद में आयोजित ऐसे कार्यक्रमों में भी कोई भारतीय प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा. विदेश मंत्रालय ने यह फैसला पाकिस्तान उच्चायोग द्वारा कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को भी आमंत्रित किए जाने के कारण लिया.

पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कार्यक्रमों में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री स्तर का रहा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘भारत ने आज होने वाले पाकिस्तान राष्ट्रीय दिवस समारोहों में किसी भी प्रतिनिधि को नहीं भेजने का फैसला किया है. पाकिस्तानी उच्चायोग ने हुर्रियत कांफ्रेंस के प्रतिनिधियों को समारोह में आमंत्रित करने का निर्णय लिया और इसके बाद भारत ने यह फैसला किया.’

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कुमार ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि भारत का स्पष्ट रूख है कि पाकिस्तानी उच्चायोग या पाकिस्तानी नेतृत्व द्वारा हुर्रियत कांफ्रेंस के साथ बातचीत के किसी भी प्रयास को हल्के में नहीं लिया जाएगा. भारत जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेताओं के साथ पाकिस्तान के बातचीत करने का तीखा विरोध करता रहा है. कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘इस्लामाबाद में हमारा उच्चायोग भी वहां के समारोह में शामिल नहीं होगा.’

दरअसल, पाकिस्तान की तरफ से हुर्रियत नेताओं को अपने राष्ट्रीय दिवस के आयोजन नें बुलाना इस बात की ओर इशारा करता है कि पाकिस्तान अभी भी भारत के आंतरिक मामलों में दखलअंदाजी की कोशिश में है. ऐसे में भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय दिवस के इस आयोजन में अपने किसी भी आधिकारिक प्रतिनिधि को नहीं भेजने का फैसला कर एक बार फिर पाकिस्तान के समक्ष इशारे-इशारे में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है.

जानकारी के मुताबिक भारत ने पिछले सप्ताह ही पाकिस्तान उच्चायोग को इस बात की जानकारी दे दी थी कि अगर पाकिस्तान की तरफ से हुर्रियत नेताओं को आमंत्रित किया जाता है तो वह समारोह में अपना कोई प्रतिनिधि नहीं भेजेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि भारत हुर्रियत नेताओं को निमंत्रण देने के कारण कार्यक्रमों का बहिष्कार कर रहा है, न कि किसी अन्य कारण से.

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बता दें कि 2018 में पाकिस्तान के इस समारोह में कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भाग लिया था. यह नहीं, इस कार्यक्रम में कश्मीर के कई अलगाववादी नेता भी शामिल हुए थे. बता दें कि लाहौर प्रस्ताव के मौके पर हर वर्ष 23 मार्च को पाकिस्तान दिवस मनाया जाता है. लेकिन इस वर्ष दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग ने इसे एक दिन पहले यानी 22 मार्च को मनाने का फैसला किया है.

भारत द्वारा यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है कि जब जब पुलवामा हमले के बाद 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर भारत के हवाई हमले को लेकर दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है.

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