देश में सिर्फ 6 एयरपोर्ट पर बम निरस्त करने की सुविधा मौजूद!

बीते जनवरी और फरवरी में हुए एक ऑडिट में ये बात सामने आई है. इसमें से कोलकाता और चेन्नई एयरपोर्ट को एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के द्वारा चलाया जाता है. बाकी एयरपोर्ट प्राइवेट हैं.

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मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 09 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 8:12 AM IST

भारत में लगातार आतंकी हमलों का खतरा बना रहता है, ऐसे में सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा काफी मायने रखती है. देश के 59 अहम एयरपोर्ट में से सिर्फ 6 ही ऐसे हैं जहां पर सीआईएसएफ की टुकड़ी बम को डिफ्यूज़ कर सकती है. देश में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, कोचिन और हैदराबाद पर ही बम का पता लगाने और उसे निरस्त करने की सुविधा है.

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अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, बीते जनवरी और फरवरी में हुए एक ऑडिट में ये बात सामने आई है. इसमें से कोलकाता और चेन्नई एयरपोर्ट को एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के द्वारा चलाया जाता है. बाकी एयरपोर्ट प्राइवेट हैं.

ब्यूरो फॉर सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के नियमों के अनुसार एक एयरपोर्ट पर करीब 28 वस्तुओं का इस्तेमाल बम को नाकाम करने के लिए किया जाता है. इसमें वैप्योर डिटेक्टर, बम डिस्पोज़ल सूट और रिमोट ऑपरेटड व्हीकल्स आदि शामिल रहते हैं. ऑडिट में पता लगा है कि ये सभी आवश्यक वस्तु अभी सिर्फ 6 ही एयरपोर्ट पर मौजूद हैं.

खबर के अनुसार एक सीआईएसएफ अफसर ने बताया कि इसमें से अगर एक भी वस्तु मौजूद ना हो, तो बम को निरस्त नहीं किया जा सकता है. हमने इस बारे में AAI, BCAS और सिविल एविएशन मंत्रालय को चिट्ठी लिखी है.  

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गौरतलब है कि सीआईएसएफ का गठन 1969 में हुआ था. देश में एयरपोर्ट, पोरबंदर, पावर प्लांट और अन्य सरकारी बिल्डिंग में सीआईएसएफ सुरक्षा देने का काम करती है.

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