जम्मू-कश्मीर में स्टूडेंट्स को पीटे जाने का मामला सामने आया है. इनका गुनाह सिर्फ इतना था कि ये स्टूडेंट्स क्लास में 10 मिनट की देरी से पहुंचे. घटना जम्मू डिविजन के पूर्व में स्थित डोडा इलाके के गवर्नमेंट गुज्जर बकेरवाल बॉयज हॉस्टल का है. मामले की खबर फैलते ही इस पर चाइल्ड डिपार्टमेंट एक्शन में आ गया है.
चाइल्ड लाइन डिपार्टमेंट के कॉर्डिनेटर ने कहा, ''टीचर ने स्टूडेंट्स को पीटे जाने की बात कबूली है. उसे चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के सामने पेश होने को कहा गया है वरना उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.'' इस घटना की कुछ तस्वीरें न्यूज एजेंसी एएनआई ने जारी की हैं. इसमें एक तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि टीचर ने बच्चों को मुर्गा बनाया हुआ है और उसके हाथ में एक डंडा है, जिससे वह बच्चों को पीट रहा है. एक अन्य तस्वीर में देखा जा सकता है कि बच्चे के कंधे पर पीटे जाने का निशान है.
हाल ही में दिल्ली में भी टीचर की हैवानियत का मामला सामने आया था. छठी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र हिमांशु को टीचर ने इतनी बुरी तरह पीटा कि वह कई दिनों तक हॉस्पिटल में एडमिट रहा. घर आने के बाद वह बिस्तर से नहीं उठ पाया. छात्र से टीचर की बर्बरता की ये कहानी नरेला बॉर्डर के पास साफियाबाद के विवेकानंद स्कूल की है.
पीड़ित छात्र का कसूर ये था कि उसने साथी छात्र पर रुमाल फेंका था. इसी हरकत पर टीचर को गुस्सा आ गया और उन्होंने कोहनी से छात्र की कमर पर इतना जोर से मारा कि वो अबतक विस्तर से उठ नहीं पाया. इस घटना को 4 महीने हो चुके हैं. घरवालों ने पुलिस पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है कि पुलिस ने शुरुआत में FIR दर्ज नहीं की. फिलहाल पुलिस जांच की बात कह रही है.
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