इंडिया टुडे कॉन्क्लेव: 'जीवन में तरक्की करने के लिए अच्छी सेहत जरूरी है'

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दूसरे दिन सेहत जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित एक सत्र लोगों के लिए काफी उपयोगी रहा.

Advertisement
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शामिल डॉक्टर इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में शामिल डॉक्टर

दिनेश अग्रहरि

  • मुंबई,
  • 10 मार्च 2018,
  • अपडेटेड 7:54 PM IST

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दूसरे दिन सेहत जैसे महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित एक सत्र लोगों के लिए काफी उपयोगी रहा. 'वेलबीइंग चैम्पियन- व्हाट्स राइट फॉर यू?' थीम के सत्र में वीवामायर के फाउंडर हराल्ड स्टोसियर, द फार्म ऐट सैन बेनिटो की मेडिकल डायरेक्टर मारियान अलॉन्जो और आयुर्वेदिक डॉक्टर सुधीन्द्र उप्पूर ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन कोयल पुरी ने किया.

Advertisement

चर्चा के दौरान डॉ. सुधीन्द्र ने कहा कि अच्छे सेहत के लिए सबसे जरूरी है कि बस आप किसी भी तरह से हर पल खुश रहें. जब भूख लगे तो ही खाना खाएं. सब कुछ संतुलन में खाएं. उन्होंने कहा कि बिना अच्छे स्वास्थ के आप जीवन में वह नहीं पा सकते जो पाना चाहते हैं. इसलिए जीवन में तरक्की करने के लिए अच्छा स्वास्थ बहुत जरूरी है.

इस सत्र के दौरान अच्छे सेहत के लिए न्यूट्रिशन के महत्व पर चर्चा की गई. वक्ताओं में शामिल मारियान अलॉन्जो ने एक छोटा-सा एक्सरसाइज करके बताया कि यह पाचन के लिए कितना उपयोगी होता है.

क्या पचाते हैं यह अहम है  

हराल्ड स्टोसियर ने कहा कि अहम बात यह नहीं कि आप क्या खाते हैं बल्कि अहम यह है कि आप क्या पचा लेते हैं. सुधीन्द्र ने कहा कि अच्छे स्वास्थ के लिए अच्छा मानसिक संतुलन अहम है. उन्होंने कहा कि मैं तो बस आंत की सफाई के द्वारा ही काफी चिकित्सीय सफलता हासिल कर चुका हुं. आयुर्वेद में आंत सब कुछ है.

Advertisement

डॉ. हराल्ड ने खाने के चबाने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खाने को चबाना बहुत महत्वपूर्ण है. आप यदि बेहतर तरीके से चबाते हैं तो आप खाना भी कम खाएंगे.

डॉ. सुधीन्द्र ने कहा कि सच तो यह है कि मोटे होने के लिए कोई आती. उन्होंने कहा कि पानी कब पीना है और कैसे पीना है, इसे समझना बहुत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद एक विज्ञान है, इसका धर्म से लेना देना नहीं है.

डॉ. सुधीन्द्र ने कहा कि आयुर्वेद में तो यहां तक बताया गया है कि किस तरह के व्यक्ति को कौन-सा लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि आपको बहुत कोई जटिल खुराक की जरूरत नहीं है, बस दादी मां के खुराक को अपना लीजिए. उन्होंने कहा कि महीने में दो दिन व्रत रहना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है.

हालांकि डॉ. हराल्ड की राय अलग थी. उन्होंने कहा कि व्रत को दवा की तरह अपनाने की सलाह नहीं दी जा सकती.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »