सर्वदलीय बैठक में शामिल विपक्षी नेताओं को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गलवान में सेना की तैनाती के बारे में जानकारी दी. साथ ही उन्होंने कहा कि सीमा पर सेना पूरी तरह से मुस्तैद है.
ममता ने कहा- देश की अखंडता के लिए सरकार के साथ
इस सर्वदलीय बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि देश की अखंडता के लिए पूरी तरह सरकार के साथ हैं. भारतीय सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता दिखाते हुए उन्होंने सरकार से चीन के मामले में पारदर्शिता की भी मांग की.
मायावती बोलीं- यह राजनीति का समय नहीं, हम पीएम के साथ
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने विदेश मंत्रालय के डिटेल्ड प्रेजेंटेशन की तारीफ की. सर्वदलीय बैठक में अपनी बात रखते हुए उन्होंने जोर दिया कि चीन का मुकाबला करने के लिए व्यापार और निवेश के मोर्चे पर भी कदम उठाना चाहिए. मायावती ने यह भी कहा कि यह समय राजनीति करने का नहीं हैं और हम पीएम मोदी के साथ मजबूती के साथ खड़े हैं. पीएम मोदी जो भी फैसला लेंगे, हम उसके साथ हैं.
शरद पवार ने कहा- संवेदनशील मुद्दों का रखें ध्यान
सर्वदलीय बैठक के दौरान एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के मामले में सभी दलों को संवेदनशीलता बरतने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि चीन सीमा पर सैनिक हथियार लेकर गए या नहीं, यह अंतरराष्ट्रीय समझौतों के आधार पर तय होता है. हम सभी को संवेदनशील मुद्दों का ध्यान रखना चाहिए.
नीतीश बोले- चीन के खिलाफ आक्रोश, हम सब एकजुट
पीएम मोदी के साथ बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि चीन के खिलाफ पूरे देश में आक्रोश है. हम लोगों में आपस में कोई मतभेद नहीं होना चाहिए. हम सभी एक साथ हैं.
भारत शांति चाहता है, लेकिन कमजोर नहीं हैः उद्धव ठाकरे
सर्वदलीय बैठक में शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम सब एकजुट हैं और पीएम मोदी के साथ हैं. हम अपने सुरक्षा बलों और उनके परिजनों के साथ हैं. भारत शांति चाहता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम कमजोर हैं. चीन का चरित्र ही धोखेबाजी है. भारत मजबूत है, न कि मजबूर है. हमारी सरकार में आंखें निकालकर हाथ में दे देने की ताकत है.
चीनी घुसपैठ की जानकारी मिलते ही बुलानी चाहिए थी बैठकः सोनियासर्वदलीय बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि जब 5 मई को लद्दाख समेत कई जगह चीनी घुसपैठ की जानकारी सामने आई, तो उसके तुरंत बाद ही सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी. राष्ट्र की अखंडता और रक्षा के लिए पूरा देश एक साथ खड़ा है. साथ ही सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का समर्थन करता है.
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उन्होंने कहा कि हम अब भी इस विवाद के कई अहम पहलुओं को लेकर अंधेरे में हैं. सोनिया गांधी ने सरकार से सवाल किया कि आखिर किस दिन लद्दाख में चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की? सरकार को कब चीनी घुसपैठ का पता चला? खबरों की मानें तो घुसपैठ 5 मई को हुई, क्या यह सही है, या फिर घुसपैठ उसके बाद हुई?
उन्होंने पूछा कि क्या हमारी खुफिया एजेंसियों ने एलएसी के आसपास असामान्य गतिविधियों की जानकारी नहीं दी? क्या हमारी खुफिया एजेंसियों ने एलएसी पर चीनी घुसपैठ की जानकारी नहीं दी? क्या सेना की इंटेलिजेंस ने सरकार को LAC पर चीनी कब्जे और भारतीय क्षेत्र में चीनी सेना की मौजूदगी के बारे में अलर्ट नहीं किया? क्या सरकार इसको खुफिया तंत्र की विफलता मानती है?
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