देश की रक्षा निर्माण क्षमता को मजबूती देते हुए, तेजस Mk1A लड़ाकू विमान की पहली सेंटर फ्यूजलेज असेंबली 30 मई 2025 को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को सौंपी गई. इस असेंबली को हैदराबाद की निजी कंपनी VEM टेक्नोलॉजीज ने तैयार किया है. यह पहली बार है जब किसी निजी भारतीय कंपनी ने तेजस विमान की इतनी बड़ी और जटिल असेंबली बनाई है.
हैंडओवर के समय रक्षा उत्पादन सचिव श्री संजीव कुमार और HAL के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. डीके सुनील मौजूद रहे. इस मौके पर संजीव कुमार ने कहा कि रक्षा उत्पादन में सालाना 10 फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है और निर्यात भी बढ़ रहे हैं. यह सफलता HAL और निजी कंपनियों की भागीदारी के बिना संभव नहीं होती.
HAL के पास चार प्रोडक्शन लाइनें होंगी
HAL प्रमुख ने बताया कि अब HAL के पास चार प्रोडक्शन लाइनें होंगी. दो बेंगलुरु, एक नासिक और एक नई लाइन जो निजी कंपनियों की भागीदारी से तेजस Mk1A बनाएगी. इससे तेजस विमानों का उत्पादन तेजी से होगा और वायुसेना को समय पर डिलीवरी दी जा सकेगी.
तेजस विमानों का उत्पादन तेजी से होगा
HAL अब तक 6,300 से ज्यादा भारतीय विक्रेताओं के साथ काम कर रहा है, जिनमें 2,448 MSMEs शामिल हैं. पिछले तीन वर्षों में HAL ने भारतीय कंपनियों को 13,763 करोड़ रुपये के ऑर्डर दिए हैं. यह सब आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.
शिवानी शर्मा