दिल्ली हाईकोर्ट ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के आरोपियों द्वारा नोटिस का जवाब नहीं देने पर गहरी नाराजगी जाहिर की है. सीबीआई और ईडी की अपील पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में चार सुनवाई हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी आरोपियों की ओर से कोर्ट की नोटिस का जवाब दाखिल नहीं किया गया है. कोर्ट ने कहा कि यह केस को जबरदस्ती लटकाने की कोशिश है और हम इसको बर्दाश्त नहीं करेंगे.
सीबीआई और ईडी ने मामले में अप्रैल में दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी. यह इस मामले की चौथी सुनवाई थी, जिसमें पिछली बार की ही तरह इस बार भी आरोपियों ने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से और समय मांगा. सीबीआई और ईडी ने मामले में पूर्व संचार मंत्री ए. राजा, डीएमके सांसद कनिमोझी समेत अन्य आरोपियो को पटियाला हाउस कोर्ट से बरी किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.
21 दिसंबर 2017 को पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल सीबीआई जज ओपी सैनी ने ए. राजा और कनिमोझी समेत 17 आरोपियों को इस मामले में बरी कर दिया था. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सीबीआई और ईडी जांच एजेंसी के तौर पर पुख्ता सबूत कोर्ट के सामने पेश करने में विफल रहीं, जिसके चलते सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया जा रहा है.
मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान ए राजा के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए फिर से समय मांगा, जिसके बाद कोर्ट नाराज हो गया. इस केस में राजा के वकील का कहना था कि केस में अलग-अलग चार्जशीट दायर हैं. लिहाज़ा सब पर अलग-अलग सुनवाई होनी चाहिए. इस पर सीबीआई के वकील ने कहा कि इस तरह ये लोग मामले की सुनवाई में देरी करना चाहते हैं.
वहीं, सीबीआई और ईडी की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ये घोटाला देश को ऐतिहासिक नुकसान पहुंचाने वाला था. एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ये घोटला देश के लिए शर्म की बात है. अब मामले में अगली सुनवाई 7 फरवरी को होगी. 2G केस में ए राजा और कनिमोझी के अलावा करुणानिधि की पत्नी दयालु अम्माल, एसटीपीएल के शाहिद बलवा, विनोद गोयनका, कुसेगांव फ्रूट्स एंड वेजीटेबल्स के आसिफ बलवा, राजीव अग्रवाल, फिल्म निर्माता करीम मोरानी, कलईगनार टीवी के निदेशक पी अमृतन और शरद कुमार भी शामिल है.
राम कृष्ण / पूनम शर्मा