कोविड-19 महामारी से जुड़ा स्टिग्मा आंध्र प्रदेश में प्रशासन के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है. तिरुपति में कोरोना वॉरियर एक परिवार को मकान मालिक की ओर से घर में न घुसने देने के बाद ऐसी ही एक और घटना पूर्वी गोदावरी जिले से सामने आई है. गुरुवार को यहां लादियापु गांव में एक महिला हेल्थ वर्कर को अपने घर में नहीं जाने दिया गया. पुलिस के दखल के बाद ही ये हेल्थ वर्कर अपने घर में प्रवेश कर सकी.
कल्याणी नाम की इस ANM ( ऑक्सिलरी नर्सिंग मिडवाइफ) को बारिश में अपने घर के बाहर पड़ोसियों के विरोध की वजह से घंटों बैठे रहना पड़ा. ये हालत तब थी जब फ्रंटलाइन वर्कर के तौर पर कल्याणी 16 घंटे ड्यूटी देने के बाद घर लौटी थी. दरअसल, कल्याणी के पति का पॉजिटिव टेस्ट आया था, जिसकी वजह से पति को क्वारनटीन में भेजा गया. पड़ोसियों को आशंका थी कि कहीं उनमें भी कोरोना न फैल जाए.
दिन रात दूसरों की मदद करने वाली कल्याणी पड़ोसियों के ऐसे बर्ताव से हैरान रह गई. कल्याणी ने अपना दर्द लोगों को बताने के लिए एक वीडियो रिकॉर्ड किया. जल्दी ये वीडियो वायरल हो गया.
राजामहेंद्रवरम पुलिस ने इस सबंध में ट्वीट किया- डॉयल 100 से पीड़ित महिला की कॉल मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उसके घर में जाने का इंतजाम किया. साथ ही उसे घर में जाने से रोकने वाले पड़ोसियों के खिलाफ 301/2020 u/s 341,506 r/w 34 IPC के तहत मामला दर्ज किया.
स्थानीय पुलिस के तत्काल कार्रवाई करने के बाद कल्याणी को राहत मिली और वो अपने घर में रह रही है. कल्याणी ने पुलिस का शुक्रिया करने के साथ लोगों से फ्रंटलाइन वॉरियर्स के साथ सहयोग करने की अपील की. साथ ही ये भी कहा कि कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों को लेकर भी लोगों को अपना रवैया सही रखना चाहिए.
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दरअसल लोगों में भ्रांति और सही जानकारी के अभाव की वजह से इस तरह की घटनाएं सामने आती है. ऐसे में कोविड-19 को लेकर ICMR और शासन-प्रशासन के दिशानिर्देशों को सही परिप्रेक्ष्य में सभी लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है.
आशीष पांडेय