हनुमंतप्पा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, राजकीय सम्मान के साथ कर्नाटक में आज होगा अंतिम संस्कार

लांस नायक की मृत्यु पर देश भर में शोक की लहर है. सोशल मीडिया से लेकर तमाम अन्य माध्यमों के जरिए आमजन और बड़ी हस्तियों ने हनुमंतप्पा को श्रद्धांजलि दी है.

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लांस नायक हनुमंतप्पा लांस नायक हनुमंतप्पा

स्‍वपनल सोनल

  • नई दिल्ली,
  • 12 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 9:46 AM IST

सियाचिन में 25 फीट बर्फ के नीचे 6 दिनों तक दबे रहने के बावजूद जिंदा लौटे जांबाज लांस नायक हनुमंतप्पा ने आखि‍रकार गुरुवार को 11 बजकर 45 मिनट पर दम तोड़ दिया. उनके पार्थि‍व शरीर को अंतिम दर्शन के लिए दिल्ली में बरार स्क्वायर पर रखा गया. जहां तीनों सेना प्रमुखों और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. जांबाज जवान के पार्थिव शरीर को कर्नाटक के हुबली ले जाया गया. शुक्रवार को पैतृक स्थान पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ हनुमंतप्पा का अंतिम संस्कार किया जाएगा. हुबली एयरपोर्ट पर कर्नाटक के सीएम सिद्दारमैया ने श्रद्धांजलि दी.

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इससे पहले लांस नायक के निधन पर प्रधानमंत्री ने शोक जताते हुए कहा कि देश को हनुमंतप्पा पर गर्व है.

तीनों सेना प्रमुखों के अलावा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी लांस नायक को श्रद्धांजलि दी.

बीते दो दिनों से गहन चिकित्सा और देश भर से दुआओं के दौरा के बीच हनमंतप्पा ने दिल्ली के आर्मी अस्पताल में आखिरी सांसें लीं. जानकारी के मुताबिक, शाम 5:10 बजे सबसे पहले वायुसेना प्रमुख ने हनुमंतप्पा को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद नौसेना प्रमुख और फिर सेना प्रमुख ने अंतिम सलामी दी. रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी लांस नायक को श्रद्धांजलि दी. अंतिम दर्शन के बाद पार्थि‍व शरीर को पालम हवाई अड्डे ले जाया गया और वहां से विशेष विमान से शूरवीर जवान के शरीर को लेकर बंगलुरु ले जाया गया.

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राष्ट्रपति ने जताया शोक
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी लांस नायक के निधन पर शोक जताया है. हनुमंतप्पा की मां को अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा, 'मैं आपके बेटे की मौत की खबर सुनकर बहुत आहत हूं.'

लांस नायक की मृत्यु पर देश भर में शोक की लहर है. सोशल मीडिया से लेकर तमाम अन्य माध्यमों के जरिए आमजन और बड़ी हस्तियों ने हनुमंतप्पा को श्रद्धांजलि दी है. सियाचिन में बर्फ के नीचे 6 दिनों तक जिंदा रहकर अदम्य शौर्य का परिचय देने वाले लांस नायक के बार में पीएम ने ट्विटर पर लिखा है कि हनुमंतपपा ने उन्हें 'उदास और व्यथि‍त' को छोड़ दिया है.

19वीं बटालियन के मद्रास रेजिमेंट के 33 साल के सैनिक अपने पीछे पत्नी महादेवी अशोक बिलेबल और दो वर्षीय बेटी नेत्रा को छोड़ गए हैं.

सेना की ओर से बयान देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल एसडी दुहान ने कहा, 'हमने सियाचिन के इस जांबाज जवान को बचाने के लिए भरसक प्रयास किया. सुबह उसका ब्लड प्रेशर बहुत तेजी से नीचे गिरा. बताया गया कि हनुमंतप्पा के दिमाग में उनके मस्तिष्क की विद्युत गतिविधि मृत्यु से पहले कुछ घंटों के लिए धीरे-धीरे थम गई.'

इससे पहले सेना के आरआर अस्पताल में उन्हें बचाने की जद्दोजहद चल रही थी. रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में लाए जाने के बाद से वह लगातार वेंटिलेटर पर थे.

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दोनों फेफड़ों में निमोनिया की शिकायत
आर्मी अस्पताल में भर्ती हनुमनंतप्पा के दोनों फेफड़ों में निमोनिया की शिकायत थी. आरआर हॉस्पीटल के डॉक्टर ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर इस बात की जानकारी दी थी. यही नहीं, उनके कई अंग काम नहीं कर रहे थे. डॉक्टरों के मुताबिक उनके दिमाग में ऑक्सीजन नहीं पहुंच रहा था. जारी किए गए बुलेटिन में सेना के रिसर्च एंड रेफरल (आरआर) अस्पताल में उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि लांस नायक कोमा में थे.

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