विदेश मंत्रालय की पाकिस्तान को दो टूक- एक्शन लेने पर ही होगी वार्ता

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तान को लेकर भारत सरकार की पॉलिसी साफ है. भारत, पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसी मुल्कों से दोस्ताना संबंध चाहता है लेकिन आतंकवाद किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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ब्रजेश मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 07 जनवरी 2016,
  • अपडेटेड 9:27 AM IST

भारत-पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित विदेश सचिव स्तर की बातचीत को लेकर विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को सरकार का रुख साफ कर दिया है. मंत्रालय ने कहा कि के दोषियों पर पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई होने पर ही बातचीत होगी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, 'गेंद अब पाकिस्तान के पाले में है. पठानकोट हमले ने सीमा पार से आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं को फिर से सामने ला दिया है'

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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को लेकर साफ है. भारत, पाकिस्तान समेत अपने सभी पड़ोसी मुल्कों से दोस्ताना संबंध चाहता है लेकिन आतंकवाद किसी भी तरह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

पठानकोट में हुआ हमला बातचीत के रास्ते में बाधा
विकास स्वरूप ने कहा, 'हालांकि इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ कहना जल्दबाजी होगी.' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाहौर दौरे से एक नई उम्मीद जागी है. मोदी का औचक दौरा द्विपक्षीय वार्ता के लिए सकारात्मक संकेत के तौर पर था लेकिन पठानकोट में हुआ आतंकी हमला इस बातचीत के रास्ते में बाधा बन गया.

भारत ने की हैंडलर्स की पहचान
सूत्रों के मुताबिक, पठानकोट हमले की पूरी साजिश पाकिस्तान के पंजाब स्थित मार्कज में रची गई थी. भारत ने उन हैंडलर्स की पहचान कर ली है जो पाकिस्तान में बैठकर आतंकियों को निर्देश दे रहे थे. इनकी पहचान मौलाना अशफाक अहमद, हाफिज अब्दुल शकूर, कासिम जान और एमएम अजहर के तौर पर हुई है.

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'मामले की जांच जारी है'
पंजाब रेंज के बीएसएफ डीआईजी ने कहा कि इस मामले में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. मामले की जांच जारी है. उन्होंने कहा कि एसपी सलविंदर सिंह के चरित्र पर सवाल उठाना सही नहीं है. एक बार मामले की जांच पूरी हो जाए उसके बाद ही कोई बयान जारी किया जाएगा.

चार दिनों तक चला था ऑपरेशन
पंजाब के पठानकोट में 2 जनवरी को सुबह करीब 3:30 बजे छह आतंकियोंने एयरफोर्स बेस पर हमला बोला था. लगातार चार दिनों तक चले ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों ने 6 आतंकवादियों को मार गिराया. इस दौरान 7 जवान शहीद हुए जबकि कई घायल हो गए. एयरबेस में रखे विमानों को नुकसान पहुंचाने के मकसद के आए थे.

भारत सरकार ने PAK को दिए सबूत
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी एयरफोर्स बेस पर हमले के पीछे पाकिस्तानी हाथ होने के भी संकेत दिए हैं. साथ ही भारत सरकार ने हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े होने के सबूत भी वहां की सरकार को सौंपे हैं.

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