75+ पर शाह के बयान से BJP के इन दिग्गजों को मिली संजीवनी, आएंगे अच्छे दिन?

2014 में जब पीएम मोदी ने अपनी कैबिनेट चुनी थी, तो उन्होंने 75 साल से ऊपर के नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी थी. जिसके कारण बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे कई नेता मंत्री नहीं बन पाए थे.

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क्या आएंगे दिग्गजों के अच्छे दिन? क्या आएंगे दिग्गजों के अच्छे दिन?

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2017,
  • अपडेटेड 1:13 PM IST

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह हाल ही में मध्यप्रदेश की यात्रा पर थे. वहां पर उन्होंने एक ऐसा बयान दिया, जिससे कई नेताओं के चेहरे पर मुस्कान आ गई. शाह ने अपने बयान में कहा कि उनकी पार्टी में कोई ऐसा नियम नहीं है कि 75 साल से ऊपर का व्यक्ति मंत्री नहीं बन सकता है. साफ है कि शाह के इस बयान के कई मायने निकाले जा सकते हैं.

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2014 में मोदी ने बनाया था नियम

2014 में जब पीएम मोदी ने अपनी कैबिनेट चुनी थी, तो उन्होंने 75 साल से ऊपर के नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी थी. जिसके कारण बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी जैसे कई नेता मंत्री नहीं बन पाए थे. लेकिन अब शाह के बयान के बाद आने वाले लोकसभा चुनाव और उससे पहले होने वाले विधानसभा चुनाव में इसकी ढील मिल सकती है. इनके अलावा मोदी के बाद गुजरात की मुख्यमंत्री बनी आनंदीबेन पटेल ने भी बढ़ती उम्र के कारण इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में भी इस बात का जिक्र किया था.

अगर इस प्रकार की ढील मिलती है तो इन लोगों को मिल सकता है फायदा

- मौजूदा लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन 74 वर्ष की हो गई हैं. वह पिछले काफी समय से इंदौर से सांसद हैं, लेकिन शाह के इस बयान के बाद साफ है कि उन्हें 2019 में भी लोकसभा का टिकट मिल सकता है.

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- हिमाचल प्रदेश के चुनाव जल्द ही होने वाले हैं, पार्टी को वहां पर एक अनुभवी चेहरे की तलाश है. 82 वर्षीय शांता कुमार भी इस फैसले के बाद एक बार फिर मंत्री या मुख्यमंत्री की रेस में आ सकते हैं.

- कर्नाटक में बीजेपी येद्दुरप्पा के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है. उनकी उम्र भी 75 पार हो रही है, लेकिन अब इस बयान के बाद उनका रास्ता साफ हो गया है.

- यूपी कोटे से केंद्र में मंत्री कलराज मिश्र भी 75 की उम्र पार कर चुके हैं, लेकिन 2019 चुनाव और पूर्वांचल के वोटरों को ध्यान में रखते हुए यह कदम भारी पड़ सकता था.

- इसके अलावा भी प्रेम कुमार धूमल (73), गुलाब चंद कटारिया (72), अमरा राम (74), भगत सिंह कोश्यारी (75), हुक्मदेव यादव (77), सी.पी. ठाकुर (85) जैसे कई नेताओं की किस्मत जाग सकती है.

इनका कटा था पत्ता

- लाल कृष्ण आडवाणी (89), मुरली मनोहर जोशी (83) - मंत्री पद नहीं मिला, राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति पद से भी दूर रखा गया.

- गुजरात की मुख्यमंत्री रही आनंदीबेन पटेल - बढ़ती उम्र के कारण मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

- नजमा हेपतुल्ला - केंद्र में अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री रह चुकी हैं, लेकिन उम्र 75 पार पहुंचते ही पद को छोड़ना पड़ा.

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- यशवंत सिंह - अटल सरकार में मंत्री रहे यशवंत सिंह (84) को भी मंत्री पद नहीं मिला था, उन्होंने कहा था कि बीजेपी में 75+ वालों को ब्रेन डेड घोषित कर दिया है. हालांकि उनके बेटे जयंत सिन्हा को मंत्री बनाया गया था.

इन राज्यों में होना है चुनाव

आपको बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले देश में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. इन राज्यों में गुजरात, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, राजस्थान, त्रिपुरा, सिक्किम, अरुणाचल, तेलंगाना, ओडिशा और आंध्र प्रदेश शामिल हैं.

 

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